यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नोट बैन: कुआं और खाई के बीच फंसे काले कारोबारी
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने स्पष्ट है कि नोट बदलने की योजना है, कोई माफी नहीं है। आयकर कानून अपना काम करेगा।

हरिकिशन शर्मा, नई दिल्ली। कालाधन जमा कर रखने वालों के बुरे दिन शुरु हो गए हैं। कालेधन के बड़े कारोबारियों की एक ओर कुआ है तो दूसरी ओर खाई। अगर वे पांच सौ व हजार रुपये नोट बैंक में जमा नहीं करते हैं तो उनकी तिजोरियों में पड़ी नोटों की गड्डियां रद्दी के ढेर बन जाएंगी और यदि बैंक खाते में जमा किया तो देर-सवेर आयकर विभाग की नजरों में रहेंगे।
जान बूझ कर टैक्स चोरी करने वाले ऐसे काले कारोबारियों को न सिर्फ 30 प्रतिशत टैक्स और 200 प्रतिशत पेनॉल्टी देनी पड़ेगी बल्कि उन्हें छह माह से सात साल तक कारावास भी हो सकता है।
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को साफ कहा कि सरकार की 1,000 रुपये के नोट बंद करने और 500 रुपये के मौजूदा नोट को बंद कर नया नोट लांच करने की यह पहल किसी तरह से माफी योजना नहीं है। पुराने नोट बैंक में जमा करने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को कानून से छूट मिल जाए। आयकर कानून अपना काम करेगा।
खास बात यह है कि अगर कोई कालाधन रखने वाला व्यक्ति किसी और व्यक्ति के खाते में राशि जमा करता है या फिर किसी को अपनी रकम लेकर बैंक में भेजता है तो भी वह कानून की नजरों से बच नहीं पाएगा। वित्त मंत्रालय में बैंकिंग और वित्तीय सेवा विभाग की सचिव अंजुली चिव दुग्गल ने कहा कि बैंकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इन कैमरों में फुटेज दर्ज हो। इससे पहले वित्त मंत्रालय के एक अन्य शीर्ष अधिकारी भी आम लोगों से अपील कर चुके हैं कि वे किसी और का धन लेकर बैंक में जमा करने के लिए न आएं।
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उल्लेखनीय है कि आयकर कानून के तहत कालाधन रखने वाले व्यक्ति पर जान बूझकर टैक्स चोरी का मामला साबित होने पर छह माह से सात साल तक के कठोर कारावास की सजा हो सकती है। साथ ही उसे घोषित राशि पर 30 प्रतिशत तक टैक्स, सरचार्ज और 200 प्रतिशत तक पेनाल्टी भी देनी पड़ेगी। ऐसे लोगों पर आयकर कानून की धारा 276, 276 बी बीबी, 276सी और 276सीसी के तहत कार्रवाई और सजा का प्रावधान है।
सूत्रों ने कहा कि कालाधन रखने वाले लोग अगर बैंक में आकर अपने पुराने नोट नहीं बदलते हैं तो भी सरकार को फायदा होगा। ये नोट स्वत: रद्द हो जाएंगे और इनके ऐवज में आरबीआइ और मुद्रा छाप सकेगा।
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बुरे फंसे कालेधन के कारोबारी
- आयकर कानून के तहत कार्रवाई।
- बैंक में कालाधन जमा करने के बाद असेसमेंट (आकलन) होगा।
- अगर कैश वैध स्रोत और टैक्स देने के बाद बचा है तो चिंता की जरूरत नहीं।
- कालाधन रखने वाले व्यक्ति ने अगर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो उस पर चलेगा मामला।
क्या होगा आपका
- अगर कोई व्यक्ति एक करोड़ रुपये कालाधन खुलासा करता है तो उसे 30 प्रतिशत टैक्स, तीन प्रतिशत। सरचार्ज और 200 प्रतिशत तक पेनॉल्टी देनी होगी।
- इस तरह 90 लाख रुपये से अधिक आयकर विभाग के पास चले जाएंगे।
- जानबूझकर टैक्स चोरी करने और छह माह से सात साल तक की सजा का भी प्रावधान होगा लागू
बिना केवाइसी वाले खाते में जमा नहीं कर सकेंगे 50,000 रुपये से अधिक राशि
- अधूरे केवाईसी वाले खाते में जमा नहीं होंगे 50,000 रुपये से अधिक रुपये।
- सरकार ने वैसे तो 500 रुपये और 1000 रुपये के पुराने नोट बैंक में जमा करने के संबंध में कोई सीमा निर्धारित नहीं की है लेकिन अगर किसी के बैंक खाते में नो यॉर कस्टूर (केवाइसी) पूर्ण नहीं है तो वह व्यक्ति 50,000 रुपये से अधिक रुपये जमा नहीं कर पाएगा।

