विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

धर्मातरण विवाद के बीच ईसाइयों का धर्म प्रचार

By Murari sharanEdited By:
Updated: Wed, 24 Dec 2014 06:28 PM (IST)

विश्व हिंदू परिषद के घर वापसी कार्यक्रम पर विवाद के बीच ईसाई संस्थाओं ने अहमदाबाद के कुछ इलाकों में धर्म प्रचार के साहित्य का वितरण किया है। इसे विहिप पर पलटवार के रूप में भी देखा जा रहा है।

News Article Hero Image

अहमदाबाद [राज्य ब्यूरो] । विश्व हिंदू परिषद के घर वापसी कार्यक्रम पर विवाद के बीच ईसाई संस्थाओं ने अहमदाबाद के कुछ इलाकों में धर्म प्रचार के साहित्य का वितरण किया है। इसे विहिप पर पलटवार के रूप में भी देखा जा रहा है।

बाइबल सोसायटी ऑफ इंडिया की गुजरात इकाई ने अहमदाबाद के बाहरी इलाकों में क्रिसमस के मौके पर ईसाई धर्म प्रचार का साहित्य बांटा है। इसमें लिखा है कि ईश्वर ने मानव की रचना की है। अभिमान के कारण मानव अपने साथी को धिक्कारने लगा है। दुनिया में प्रेम-न्याय भूलकर धिक्कार व अशांति हुई तब प्रभु यीशु ने जन्म लिया। अंत में प्रभु यीशु के जीवन की सचित्र पुस्तक पसंद आने पर भेजने की बात भी कही गई है।

देश में जब धर्मातरण मामले में हंगामा मच रहा है, उसी दौरान हिंदू बहुल इलाकों में ईसाई धर्म साहित्य के वितरण को विहिप के घर वापसी कार्यक्रम से जोड़कर भी देखा जा रहा है। गांधी आश्रम के ट्रस्टी अमृत भाई मोदी के अनुसार दुनिया में सबसे अधिक ईसाई साहित्य का वितरण होता है। बाइबल सोसायटी ऑफ इंडिया से जुडे़ पीसी जोसेफ बताते हैं कि महानगर के गोता, राणिप, न्यू राणिप आदि इलाकों में रंगीन पुस्तिकाओं का वितरण किया गया है, लेकिन क्रिसमस पर चर्च के बाहर कोई कार्यक्रम नहीं रखा गया है।

इन इलाकों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों की संख्या अधिक है। संस्था ने हैप्पी दिवाली और हैप्पी न्यू ईयर की तरह मैरी क्रिसमस के बदले हैप्पी क्रिसमस लिखा है, ताकि आसानी से संदेश को समझा जा सके।