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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत रक्षा पर्व: भावुक माहौल में जवानों को बांधी राखी

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Updated: Tue, 05 Aug 2014 06:32 PM (IST)

घरों से दूर भारतीय जल सेना के जवानों की कलाइयों पर छात्राओं ने राखी बांधकर माहौल को भावुक बना दिया। बदले में भाईयों ने बहनों पर प्यार जताते हुए उनके त ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। घरों से दूर भारतीय जल सेना के जवानों की कलाइयों पर छात्राओं ने राखी बांधकर माहौल को भावुक बना दिया। बदले में भाईयों ने बहनों पर प्यार जताते हुए उनके तथा देश की सुरक्षा का भरोसा दिया।

दैनिक जागरण की ओर से आयोजित भारत रक्षा पर्व के मौके पर मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर के आधा दर्जन से अधिक स्कूल की छात्राओं ने डलहौजी रोड स्थित आईएनएस इंडिया के मुख्यालय पहुंचकर जलसेना के जवानों को राखी बांधी और उनका मिठाई-चाकलेट से मुंह मीठा कराया।

बहनों द्वारा पूरे विधि विधान से भाई के कलाई पर राखी बांधी गई। दीप, रोरी, चावल, मिठाई व राखी से सजी थालियों से पहले भाई की आरती उतारी गई। फिर रोरी का टिका लगाकर माथे पर अक्षत लगाया गया। बदले में भाईयों ने बहनों को उपहार दिए। इस खास मौके को और खास बनाने के लिए छात्र बहने अपने हाथों से बनाए बधाई कार्ड भाईयों को दिए और उनके लंबे और खुशहाल जीवन की कामना की।

भावुकता का माहौल दोनों तरफ था। छात्राएं जहां देश के प्रहरियों से साक्षात मिलकर और उनसे प्यारा सा रिश्ता बनाकर गदगद थी, वहीं घर से दूर भाई भी बहनों का प्यार पाकर भावुक दिखे।

मंगलवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में स्थित स्कूलों के बच्चे आईएनएस मुख्यालय पहुंचने लगे। जवानों को राखी बांधने के लिए एमआरवी मॉडल स्कूल सुखराम पार्क, दिल्ली, राकवुड सीनियर सेकेंडरी स्कूल नोएडा, वेल्स पब्लिक स्कूल गुड़गांव, डीएवी पब्लिक स्कूल एनएच-3 फरीदाबाद, आर लेडी आफ फातिमा गुड़गांव, राव इंटरनेशनल स्कूल फरीदाबाद व गीता बाल निकेतन फरीदाबाद की छात्राएं जवानों को राखी बांधने आईएनएस पहुंची।

इस मौके पर सेना के कमान अधिकारी व दिल्ली एरिया के स्टेशन कमांडर कोमोडोर विजेश कुमार गर्ग वीएसएम ने बहनों को सेना के काम-काज के बारें में विस्तार से जानकारी दी। युद्धपोत व लड़ाकू विमानों के तकनीकी से भी अवगत कराया। कारगिल युद्ध से जुड़े अनुभवों को साझा किया।

उन्होंने छात्राओं को देश का बेहतर नागरिक बनने का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि वे राह चलते भूखे को भोजन कराकर भी देश सेवा कर सकती है। उन्होंने छात्राओं को पढ़ाई के साथ कैरियर में मनोयोग से कोशिशों पर जोर देते हए कहा कि उनके लिए सेना कैरियर के लिहाज से बेहतर विकल्प हो सकता है। इस मौके पर छात्राओं ने वी. के. गर्ग से तरह-तरह के सवाल पूछे और देश सेवा का व्रत हाथ में लेने पर उपस्थित जवानों को बधाई दी।

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