विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

द्विपक्षीय वार्ता कश्मीर मुद्दे का हल नहीं: अहमद शाह

By Edited By:
Updated: Mon, 18 Aug 2014 04:45 PM (IST)

कश्मीर मुद्दे को लेकर वरिष्ठ अलगाववादी नेता शाबिर अहमद शाह ने सोमवार कहा कि द्विपक्षीय वार्ता से कश्मीर मुद्दे का हल नहीं निकल सकता। शाह ने कहा कि मैं ...और पढ़ें

News Article Hero Image

श्रीनगर। कश्मीर मुद्दे को लेकर अलगाववादी नेता शाबिर अहमद शाह ने सोमवार को कहा कि द्विपक्षीय वार्ता से कश्मीर मुद्दे का हल नहीं निकल सकता। शाह ने कहा कि मैं आगामी भारत-पाक के विदेश सचिव स्तर की वार्ता का स्वागत करता हूं। परंतु द्विपक्षीय वार्ता कश्मीर का हल नहीं है।

मीडिया से बातचीत के दौरान शाह ने कहा कि मैंने पिछले छह दशकों से इस प्रकार की वार्ता को विफल होते देखा है। उन्होंने कश्मीर का हल कोई सच्चा नेतृत्व ही कर सकता है। जो जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल का संकल्प ले। पाकिस्तान और भारत दो पार्टी के समान हैं और हम बुनियादी पार्टी हैं। यदि एक पार्टी दूसरी पार्टी से मुलाकात करती है तो इसमें क्या बुराई है।

गौरतलब है कि पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने विदेश सचिव स्तर की वार्ता से पहले अलगाववादी नेताओं के साथ विशेष बैठक बुलाई है। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चाएं हो रही हैं। सोमवार को कई हिंदू संगठनों ने पाकिस्तानी दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन किया है।

इससे पहले अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने भी रविवार को कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान के दूतावास अधिकारियों के साथ बातचीत पर एतराज जताते हुए कहा था कि अगर पाकिस्तान वास्तव में भारत के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध चाहता है और वह इसके लिए इमानदारी से प्रयास करे, तभी दोनों मुल्कों में प्रस्तावित विदेश सचिव स्तर की वार्ता किसी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकती है, अन्यथा नहीं।

आपको बता दें कि भारत की विदेश सचिव सुजाता सिंह और उनके समकक्ष पाक के सक्षम अधिकारी के साथ आगामी 25 अगस्त को इस्लामाबाद में बैठक होनी है।

पढ़ें: अल्पसंख्यक भयभीत न हों: नजमा

पढ़ें : सचिव स्तर की वार्ता से पहले अलगाववादियों को पाक का न्योता