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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

धर्म परिवर्तन पर पहली बार बोले अमित शाह

By Jagran News NetworkEdited By:
Updated: Sat, 20 Dec 2014 01:40 PM (IST)

भारतीय जनता पार्टी के अध्‍यक्ष अमित शाह ने पहली बार जबरन धर्मांतरण पर बोलते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। शाह ने कहा कि उनकी पार्टी जबरन धर्मांतरण के खिलाफ है और अगर देश के अन्य राजनीतिक दल धर्मनिरपेक्षता के प्रति अपने रुख पर गंभीर हैं।

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कोच्चि। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने पहली बार जबरन धर्मांतरण पर बोलते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। शाह ने कहा कि उनकी पार्टी जबरन धर्मांतरण के खिलाफ है और अगर देश के अन्य राजनीतिक दल धर्मनिरपेक्षता के प्रति अपने रुख पर गंभीर हैं, तो उन्हें इस पर विधेयक का समर्थन करना चाहिए।

अमित शाह कोच्चि में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि भाजपा जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून लाना चाहती है। इसलिए तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों को हमारी पार्टी की इस पहल का समर्थन करना चाहिए और साथ आना चाहिए।

अल्पसंख्यक संगठनों से बात करने का सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर राजनीतिक दलों में सहमति बनने पर ही इस पर सार्वजनिक चर्चा की जा सकती है।

ब्लैक मनी का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि उनकी पार्टी विदेशों में जमा कालाधन देश में वापस लाने पर प्रतिबद्ध है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के बारे में उन्होंने राज्य में अगली सरकार बीजेपी के नेतृत्व में बनने का विश्वास व्यक्त किया। भाजपा अध्यक्ष दो दिन के दौरे पर केरल में हैं।

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