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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर मिली सजा : कीर्ति आजाद

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Thu, 24 Dec 2015 02:39 AM (IST)Updated: Thu, 24 Dec 2015 10:09 AM (IST)

सारे अनुशासन और निर्देशों की अवहेलना कर अपनी ही सरकार और पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे दरभंगा के ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। भाजपा से निलंबित सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि उन्हें डीडीसीए और बीसीसीआई में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर सजा मिली है। इस मामले में कीर्ति ने ये भी कहा कि तीन महीने के अंदर डीडीसीए की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। वो जानना चाहते हैं कि क्या उन्हें निलंबन की सजा महज भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से हुई है। मेरी क्या गल्ती है मुझे पता नहीं लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना खता है तो मैं ये गल्ती बार बार करूंगा। उन्होंने कहा कि भाजपा का मार्गदर्शक मंडल उनके निलंबन के मामले को देखेगा।

सारे अनुशासन और निर्देशों की अवहेलना कर अपनी ही सरकार और पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे दरभंगा के सांसद कीर्ति आजाद को भाजपा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्हें पत्र लिखकर पार्टी ने बताया है कि किस तरह वह पिछले कुछ वर्षो से लगातार 'विपक्ष के हाथ की कठपुतली बनकर न सिर्फ अपने ही शीर्ष नेतृत्व पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, बल्कि संसद में सरकार की भी किरकिरी करा रहे हैं।' उनका यह आचरण पार्टी अक्षम्य मानती है। लिहाजा उन्हें निलंबित किया जा रहा है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि उन्हें भविष्य के लिए आगाह भी किया गया है। वरना पार्टी से निष्कासन की तलवार भी चल सकती है।

भाजपा ने कीर्ति आजाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए व्हिप जारी कर पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में बुधवार को यह फैसला लिया। कीर्ति आजाद के वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ जारी मुहिम के तहत तीन दिन पहले की गई प्रेस कांफ्रेंस का संज्ञान लेते हुए यह कड़ा कदम उठाया है। गौरतलब है कि पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद व्यक्तिगत कारणों से लगातार वित्तमंत्री अरुण जेटली के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी करते रहे हैं। लेकिन हद तब हो गई जब दिल्ली के क्रिकेट निकाय डीडीसीए विवाद में वह विपक्ष के खेमे में नजर आए। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के लिए कीर्ति आंखों का तारा बन गए हैं। पहले संगठन महामंत्री रामलाल और फिर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के समझाने के बावजूद कीर्ति ने प्रेसवार्ता भी की और लोकसभा में वित्तमंत्री के बयान के तुरंत बाद एसआइटी जांच की भी मांग कर दी।

शाह और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जेटली पर भरोसा और उनके पीछे खड़े होने की बात कह चुके हैं लेकिन कीर्ति का रुख अभी भी बगावती बना हुआ है। कीर्ति को लिखे पत्र में पार्टी ने कहा है कि उनके आचरण के कारण बेवजह पार्टी की किरकिरी हुई है। अनुशासन किसी भी पार्टी और व्यक्ति के लिए जरूरी है। लेकिन कीर्ति ने इसकी पूरी तरह अवहेलना की है जिससे यह आशंका पुष्ट होती है कि वह विपक्ष के हाथ का मोहरा बन गए हैं।

कांग्रेस काल की जांच में साफ थे

मोदी सरकार खुद भ्रष्टाचार के खिलाफ है। लेकिन डीडीसीए मामले में कांग्रेस काल में जांच हुई है। जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार को नकारा गया है और जेटली को किसी भी स्तर पर इससे दूर माना गया था। लेकिन पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद व्यक्तिगत कारणों से जेटली पर उंगली उठाकर सरकार की छवि खराब करने पर तुले हैं। लिहाजा उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निलंबित किया जा रहा है।

शत्रु पर चल सकती है तलवार

ऐसे में अब शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर भी अटकल लगाई जा रही हैं। ध्यान रहे कि उन्होंने विपक्ष के सुर में सुर मिलाते हुए जेटली के इस्तीफे की मांग कर दी है। उन्होंने ट्वीट करके बुधवार को कीर्ति आजाद को हीरो बताते हुए कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं। अपने इन्हीं तेवरों के कारण शत्रुघ्न को बिहार चुनाव प्रचार से भी दूर रखा गया था। विधानसभा चुनाव से पहले और बाद में भी उनके बगावती सुर ऊंचे रहे हैं।

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