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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से लैस फाइटर जेट सुखोई-30 ने भरी उड़ान

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Sun, 26 Jun 2016 07:47 AM (IST)

भारतीय वायुसेना की शक्ति को और बढ़ाते हुए शनिवार को फाइटर जेट सुखोई 30 एमकेआई ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल लेकर उड़ान भरी।

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नई दिल्ली। नई दिल्ली। शनिवार को फाइटर जेस सुखोई-30 एमकेआई ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को लेकर उड़ान भरी। जिसके बाद दुनिया में भारतीय वायुसेना दुनिया की एकमात्र ऐसी वायुसेना बन गई है जिसके पास इस तरह की प्रणाली उपलब्ध है। इसकी मारक क्षमता करीब 290 किलोमीटर है।

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भारतीय वायुसेना की अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान सुखोई -30 से दुनिया के सबसे ताकतवर सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस प्रणाली का परीक्षण सफल रहा है। शनिवार के इस सफल उड़ान से, हवा से जमीन पर मार करने वाली और ढाई टन वजन वाली मिसाइल ब्रह्मोस वास्तविक परीक्षण उड़ान के बहुत करीब पहुंच गई है। यह परीक्षण सुखोई -30 से आगामी महीनों में किया जाएगा।

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अगर यह परीक्षण सफल रहता है तो यह एक ऐतिहासिक अवसर होगा, क्योंकि यह पहला मौका होगा जब लंबी दूरी के लड़ाकू विमान के साथ किसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया जाएगा। यह शक्तिशाली मिसाइल दुश्मन के इलाके के काफी अंदर जाकर मार करने में सक्षम है। सुखोई से ब्रह्मोस छोड़ने की सुविधा से भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता काफी बढ़ जाएगी क्योंकि यह मिसाइल मजबूत हवाई रक्षा व्यवस्था को भी भेदने में सक्षम है।