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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चीनी डीएफ-31 का जवाब है अग्नि-5

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Updated: Sat, 21 Apr 2012 11:06 AM (IST)

भारत ने गुरुवार को परमाणु क्षमता से लैस व स्वदेशी तकनीक से विकसित मिसाइल अग्नि पाच का सफल परीक्षण कर एक बड़ा धमाका किया। इसके साथ ही भारत ने अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल निर्मित करने की क्षमता हासिल कर ली है।

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नई दिल्ली [कमल कान्त वर्मा]। भारत ने गुरुवार को परमाणु क्षमता से लैस व स्वदेशी तकनीक से विकसित मिसाइल अग्नि पाच का सफल परीक्षण कर एक बड़ा धमाका किया। इसके साथ ही भारत ने अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल निर्मित करने की क्षमता हासिल कर ली है। पाच हजार किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल की जद में पूरा चीन आ गया है और अब भारत, अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन के साथ इस क्लब में शामिल हो गया है।

भारत की इस सफलता पर पाकिस्तान और चीन की कड़ी नजर है। चीनी मीडिया ने भारत की इस सफलता पर सवाल भी उठा दिया है। साथ ही उसका कहना है कि भारत अभी इस क्षेत्र में चीन से काफी पीछे है। चीनी आईसीबीएम डीएफ-31 [डोंग फेंग-31] की तुलना अग्नि-5 से की जा रही है।

चीनी मीडिया ने इस बात पर सवाल उठा दिया है कि अग्नि-5 आईसीबीएम मिसाइल है। उसका कहना है कि इसकी मारक क्षमता 5000 किलोमीटर [3100 मील] है जबकि आईसीबीएम की मारक क्षमता कम से कम 8000 किलो मीटर [5000 मील] होनी चाहिए।

अग्नि-5 और डीएफ-31 की तुलना:-

अग्नि-5 की खूबिया:-

1. अग्नि 5 से भारत इंटरकांटिनेंटल बलिस्टिक मिसाइल क्लब में शामिल हो गया। अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन इस तरह की मिसाइलों से लैस हैं।

2-अग्नि-5, बीस मिनट में पाच हजार किलोमीटर की दूरी पर लक्ष्य को बेधने में सक्षम।

3-इस मिसाइल से अमेरिका को छोड़कर पूरा एशिया, अफ्रीका और यूरोप भारत के दायरे में आया।

4-यह मिसाइल एक बार छूटी तो रोकी नहीं जा सकती।

5. यह गोली से भी तेज चलती है।

6. 1000 किलो न्यूक्लियर हथियार ले जाने में सक्षम।

7. एक साथ 10 ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम।

8. 1.5 मीटर तक के लक्ष्य को निशाना लगाने में सक्षम।

9. अग्नि 5 मिसाइल की तकनीक का इस्तेमाल छोटे सेटेलाइट छोड़ने में किया जाएगा।

10. दुश्मनों के सेटेलाइट को भी नष्ट करने में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

11. 17 मीटर ऊंची यह मिसाइल तीन स्टेज में मार करेगी। पहला रॉकेट इंजन इसे 40 किलोमीटर की ऊंचाई तक ले जाएगा। दूसरे स्टेज में यह 150 किलोमीटर तक जाएगी। तीसरे स्टेज में यह 300 किलोमीटर तक जाएगी। कुल मिलाकर यह 800 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचेगी।

चीनी आईसीबीएम डीएफ-31 [डोंग फेंग-31] की खुबियां:-

1. चीन आईसीबीएम मिसाइल तकनीक हासिल करने वाला एशिया का पहला देश।

2.चीनी आईसीबीएम डीएफ-31 की मारक क्षमता 8000 किलोमीटर [5000 मील] से अधिक है।

3. अमेरिका सहित एशिया, यूरोप और अफ्रीका के अधिकांश देश इसकी जद में।

4. लंबाई-10 मीटर से अधिक।

5.वजन-20,000 किलो से अधिक।

6. प्रपलेंट-ठोस।

7. वारहेड-2000 किलो।

8. प्रथम उड़ान-29 अप्रैल 1992।

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