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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तमिलनाडु के‍ लिए दस दिन में 15 हजार क्‍यूसेक पानी छोड़े कर्नाटक: सुप्रीम कोर्ट

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Mon, 05 Sep 2016 02:26 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को दस दिनों के अंदर तमिलनाडु के लिए करीब 15 हजार क्‍यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया है।

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नई दिल्ली (एएनआई)। कावेरी जलविवाद मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को दस दिनों के अंदर 15000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु के लिए छोड़ने का आदेश दिया है। इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों ही राज्यों को जियो और जीने दो की नीति का पालन करनेे को कहा था।

जस्टिस दीपक मिश्रा और यूयू ललित की पीठ ने बीते शुक्रवार को यह सलाह उस वक्त दी थी जब तमिलनाडु के वकील ने अदालत का ध्यान कर्नाटक के मुख्यमंत्री के इस बयान की ओर खींचा कि एक बूंद पानी भी नहीं छोड़ा जाएगा।
दरअसल, तमिलनाडु ने एक याचिका दाखिल कर राज्य के 40 हजार एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसल बचाने के लिए कोर्ट से कर्नाटक को कावेरी का 50.52 टीएमसी फीट पानी छोड़ने के लिए निर्देश देने की मांग की है। इसके जवाब में कर्नाटक का कहना है कि वह पहले ही पानी की कमी से जूझ रहा है। सुनवाई के दौरान कर्नाटक सरकार के वकील एफएस नरीमन ने कहा, पिछले कुछ महीनों में बारिश कम होने के कारण तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ना मुश्किल है।

सुप्रीम कोर्ट पीठ ने राज्यों को सौहार्द के साथ रहने की नसीहत देते हुए कहा, 'हम यह अनुमान नहीं लगा सकते कि बारिश कितनी होगी, लेकिन यदि न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में कोई फार्मूला दिया है तो कर्नाटक उसे मानने को बाध्य है।

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