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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    केन्द्र ने जल्लीकट्टू की अधिसूचना वापस लेने की मांगी अनुमति

    By Mohit TanwarEdited By:
    Updated: Sat, 28 Jan 2017 03:08 AM (IST)

    कोर्ट सभी मामलों पर एक साथ मंगलवार 31 जनवरी को सुनवाई करेगा। ...और पढ़ें

    केन्द्र ने जल्लीकट्टू की अधिसूचना वापस लेने की मांगी अनुमति
    केन्द्र ने जल्लीकट्टू की अधिसूचना वापस लेने की मांगी अनुमति

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने जल्लीकट्टू की अनुमति देने वाली अपनी गत वर्ष जनवरी की अधिसूचना वापस लेने की सुप्रीमकोर्ट से इजाजत मांगी है। केन्द्र ने इस बावत कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी है। उधर नये कानून को चुनौती देने के खिलाफ कुछ जल्लीकट्टू समर्थक भी सुप्रीमकोर्ट पहुंचे हैं। कोर्ट सभी मामलों पर एक साथ मंगलवार 31 जनवरी को सुनवाई करेगा।

    शुक्रवार को अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष पेश होकर कहा कि केन्द्र सरकार ने जल्लीकट्टू की इजाजत देने वाली गत वर्ष जनवरी की अधिसूचना वापस लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी है।

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    तभी कुछ जल्लीकटटू समर्थकों के वकील ने तमिलनाडु के नये कानून को चुनौती देने वाली एनीमल वेलफेयर बोर्ड की याचिका पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि बोर्ड ने याचिका दाखिल करने की इजाजत नहीं दी है वकील ने अपनी तरफ से यह याचिका दाखिल की है। कोर्ट ने दलीलें सुनकर कहा कि सभी मामलों पर एक साथ 31 जनवरी को सुनवाई की जाएगी।

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