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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हो सकता है सत्ता परिवर्तन

By anand rajEdited By:
Updated: Mon, 19 Jan 2015 09:02 AM (IST)

जनता परिवार के एकीकरण से पहले बिखरने का खतरा पैदा हो गया है और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा से टकराने की कोशिशों को पलीता लगता दिख रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बढ़ते हमदर्द और पार्टी के भीतर सुलगते असंतोष के बीच जदयू में टूट की आशंका

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नी दिलली (जागरम ब्यूरो)। जनता परिवार के एकीकरण से पहले बिखरने का खतरा पैदा हो गया है और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा से टकराने की कोशिशों को पलीता लगता दिख रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बढ़ते हमदर्द और पार्टी के भीतर सुलगते असंतोष के बीच जदयू में टूट की आशंका बढ़ गई है, जबकि राजद में भी कुछ नेता पार्टी बदलने की तैयारी में हैं।

दिलचस्प यह भी है कि संसद में राजद की टिकट पर जीतकर पहुंचे पप्पू यादव की कांग्रेस नेतृत्व से गलबहियां भी जल्द ही कोई गुल खिला सकती है। अब तक मांझी को लेकर उहापोह में पड़े जदयू के शीर्ष नेतृत्व ने कड़ा फैसला लेने का संकेत दिया है। जदयू ने मांझी गुट के करीबी मंत्रियों नरेंद्र सिंह, वृषिण पटेल और नीतीश मिश्र को चेतावनी देते हुए पार्टीलाइन पर चलने या पार्टी छोड़ने को कहा है। वहीं, विलय से पहले अलग-अलग सुर में बोल रही जदयू के अलावा मुख्यमंत्री मांझी को राजद सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का समर्थन भी मिल गया है। संसद में कांग्रेस के पक्ष में आवाज उठाने वाले राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने मांझी के खिलाफ माहौल बनाए जाने को लेकर भी विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले मांझी को पद से हटाए जाने को ‘ठीक’ नहीं बताया। कहा, यह कदम भाजपा को मजबूत करने वाला होगा। जनता परिवार में विलय से पहले पार्टी को बढ़ाने व राज्य में महागठबंधन से बाहर आने के कांग्रेस नेताओं के दबाव के बीच पप्पू यादव का माझी प्रेम संकेतों से भरा है।

गौरतलब है कि संसद में कांग्रेस की रणनीति के मुख्य चेहरे के रूप में माने जाने वाले राजद सांसद रंजन की पत्नी रंजीता रंजन कांग्रेस की सांसद हैं। माना जा रहा है कि इसके जरिये बिहार की राजनीति में जगह तलाश रही कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। उधर, पप्पू यादव ने भी मांझी के साधु यादव के यहां जाने को सही ठहराते हुए जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार के बयान को लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताया। मांझी को बदलने को लेकर अड़ी राजद के नेता का बदला रुख चौंकाने वाला है। सूत्रों के मुताबिक बिहार में जमीन तलाश रही कांग्रेस में जल्द ही कुछ बड़े नेता शामिल हो सकते हैं।

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