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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ये भारत को तय करना है कि SCS पर उसका रुख क्या होगा: चीनी विदेश मंत्री

By kishor joshiEdited By:
Updated: Fri, 12 Aug 2016 11:54 AM (IST)

चीन के विदेश मंत्री वांग यी आज अपनी तीन दिवसीय यात्रा के तहत आज गोवा पहुंच गए हैं।

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पणजी (जेएनएन)। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर कहा कि ये भारत को तय करना है कि उसका रुख क्या होगा।

अपनी तीन दिवसीय यात्रा के तहत चीन के विदेश मंत्री वांग यी आज ब्रिक्स आयोजन स्थल गोवा पहुंचे। गोवा पहुंचने पर वांग मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर और गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मुलाकात की। वहीं चीन के सरकारी अखबार ने कहा है कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी भारत यात्रा के दौरान दक्षिण चीन सागर विवाद में भारत को 'अनावश्यक रूप से नहीं पड़ना चाहिए', ताकि यह द्विपक्षीय संबंधों प्रभावित ना हों।

इसके बाद वह 13 अगस्त को यहां विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करेंगे। बातचीत में भारत की एनएसजी सदस्यता की कोशिश को चीन द्वारा बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठ सकता है। वहीं दक्षिण चीन समुद्र पर अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल का फैसला आने के बाद बैकफुट पर आया चीन अब भारत से भी मदद चाहता है।

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इसके अलावा वह अक्टूबर में होने जा रहे आठवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन स्थल देखने भी जाएंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने एक प्रश्न के जवाब में बताया कि अगर कोई मंत्री उस जगह (ब्रिक्स स्थल) का दौरा करना चाहे जहां उनके राष्ट्रपति किसी कार्यक्रम में शिरकत करने आने वाले हैं तो इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है।

खबरों के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री की भारत यात्रा का एक मकसद यह भी है कि भारत दक्षिणी चीन समुद्र के मुद्दे पर दूसरे देशों का साथ ना दे। चीन को डर कि सिंतबर में होने वाली जी20 समिट के दौरान दक्षिण चीन समुद्र के मुद्दे को कई देश उठा सकते हैं और चीन चाहता है कि भारत इस मुद्दे से दूर रहे। आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल द्वारा दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे को नकारने के बाद अमेरिका सहित कई देशों ने चीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जिस कारण चीन की परेशानी और बढ़ गयी है।

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