यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए आयोग गठित
नई दिल्ली। भारतीय भाषाओं की जननी व परंपराओं की वाहक संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार एवं उत्थान के लिए केंद्र सरकार ने ख्यातिप्राप्त प्रोफेसर सत्यव्रत शा ...और पढ़ें

नई दिल्ली। भारतीय भाषाओं की जननी व परंपराओं की वाहक संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार एवं उत्थान के लिए केंद्र सरकार ने ख्यातिप्राप्त प्रोफेसर सत्यव्रत शास्त्री की अध्यक्षता में 13 सदस्यीय आयोग का गठन किया है।
यह आयोग राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान को राष्ट्रीय महत्व का शिक्षण संस्थान बनाने के लिए रोडमैप सुझाने और संस्कृत शिक्षा की मौजूदा दशा का आकलन करने और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में इस भाषा को एकीकृत करने जैसे अनेक मुद्दों पर उपाय सुझाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि एक साल के अंदर आयोग अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप देगा। आयोग स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में संस्कृत शिक्षण की मौजूदा सुविधाओं का अध्ययन करेगा। शोध समेत सभी स्तरों पर संस्कृत अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए सुझाव देना भी इसके दायरे में होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मुताबिक आयोग श्रेष्ठ उपाय सुझाने के लिए संस्कृत शिक्षण की पारंपरिक पद्धति का परीक्षण भी करेगा।
मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर

