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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मदर टेरेसा की सेवा के पीछे था धर्मांतरण: भागवत

By Sachin kEdited By:
Updated: Tue, 24 Feb 2015 12:00 PM (IST)

इधर राजधानी दिल्ली में संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा था, उधर राजस्थान में भरतपुर के पास एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत रत्न मदर टेरेसा की गरीबों के प्रति सेवा का मुख्य उद्देश्य लोगों को ईसाई बनाना था।

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भरतपुर। इधर राजधानी दिल्ली में संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा था, उधर राजस्थान में भरतपुर के पास एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत रत्न मदर टेरेसा की गरीबों के प्रति सेवा का मुख्य उद्देश्य लोगों को ईसाई बनाना था।

गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) अपना घर की ओर से सोमवार को बझेरा गांव में आयोजित कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि मदर टेरेसा की सेवा अच्छी हो सकती है। लेकिन सेवा पाने वाले लोगों को ईसाई बनाना एक प्रमुख उद्देश्य था।

सवाल धर्मांतरण का नहीं है। लेकिन जब सेवा के नाम पर धर्मांतरण किया जाता है तो सेवा का महत्व कम हो जाता है।

गौरतलब है कि आगरा व अलीगढ़ में धर्मांतरण की कोशिशों को लेकर संसद का पिछला सत्र बाधित हुआ था और कई दिन तक कामकाज नहीं हो सका था।

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