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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीसैट के विरोध में मौत के करीब पहुंचे कुछ अनशनकारी

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Updated: Sun, 03 Aug 2014 12:17 PM (IST)

इलाहाबाद में सीसैट के खिलाफ छात्र लामबंद हो गए हैं। कड़े विरोध के बावजूद लोक सेवा आयोग तीन अगस्त को पीसीएस प्री की परीक्षा आयोजित कराने जा रहा है। इसके ...और पढ़ें

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लखनऊ। इलाहाबाद में सीसैट के खिलाफ छात्र लामबंद हो गए हैं। कड़े विरोध के बावजूद लोक सेवा आयोग तीन अगस्त को पीसीएस प्री की परीक्षा आयोजित कराने जा रहा है। इसके मद्देनजर केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ छात्रों का विरोध मुखर होता जा रहा है। कहीं अनशन तो कहीं अ‌र्द्धनग्न प्रदर्शन चल रहा है। छात्रों ने एलान किया कि सीसैट खत्म होने तक बेमियादी अनशन जारी रहेगा।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले महामना मदन मोहन मालवीय प्रतिमा स्थल पर प्रतियोगी छात्रों का अनशन रविवार को भी जारी रहा। अनशनरत छात्र विश्वप्रताप सिंह, राज सिंह, आदित्य राय व विवेक कुमार सिंह के स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है परंतु उनका आत्मविश्वास कम नहीं हुआ है। छात्रों का कहना है कि सीसैट के नाम पर केंद्र व राज्य सरकार हिंदी भाषी छात्रों से भेदभाव कर रही है। सकारात्मक हल न निकलने तक वे अनशन से नहीं उठेंगे।

भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के सहसंयोजक कौशल सिंह ने भी लोकसेवा आयोग पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। कहा कि सहारनपुर दंगे में जल रहा है, वहां परीक्षा केंद्र बनने से छात्र सड़क पर समय बिताने को मजबूर हैं। मैनपुरी, इटावा, कन्नौज में भी परीक्षार्थियों के ठहरने की व्यवस्था नहीं है। उधर, तीन अगस्त को आयोजित पीसीएस प्री परीक्षा स्थगित न होने से नाराज छात्रों भैंस के आगे बीन बजाकर विरोध प्रकट किया। समाजवादी छात्र सभा ने भी सीसैट के खिलाफ अ‌र्द्धनग्न प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए।

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