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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जनता परिवार के नए दल का फैसला 22 को

By Bhupendra SinghEdited By:
Updated: Sun, 14 Dec 2014 12:55 AM (IST)

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव से दो दौर की वार्ता कर शनिवार शाम पटना लौट गए। छह दलों के विलय से लेकर भाजपा के खिलाफ 22 दिसंबर को जंतर-मंतर पर आयोजित धरने को सफल बनाने पर चर्चा की।

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जागरण ब्यूरो, पटना । बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव से दो दौर की वार्ता कर शनिवार शाम पटना लौट गए। पार्टी सूत्रों ने बताया कि जनता दल परिवार के छह दलों के विलय से लेकर भाजपा के खिलाफ 22 दिसंबर को जंतर-मंतर पर आयोजित धरने को सफल बनाने पर दोनों नेताओं ने चर्चा की। 22 को ही विलय की सूरत में बनने वाले नए दल की रूपरेखा पर भी अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने बताया कि धरना के लिए तैयारी शुरू हो गई है। इनेलो, सपा, राजद व जदयू के पश्चिमी उप्र और दिल्ली के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। धरने में काला धन, युवाओं को रोजगार एवं किसानों को लागत का दोगुना मूल्य देने जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। ये बातें नीतीश कुमार ने अपनी संपर्क यात्रा के दौरान भी उठाई हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि छह दलों इनेलो, सपा, राजद, जदयू, जदएस व एसजेपी, के विलय के संबंध में दो बातों पर सहमति बनी है। पहली तो मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व पर किसी को एतराज नहीं है और दूसरी नई पार्टी का नाम समाजवादी जनता दल रखने पर भी सभी एक राय हैं।