यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पीओके में सेना के सर्जिकल स्ट्राइक को रक्षा विशेषज्ञों ने बताया एक बेहतर कदम
पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने की भारत की कार्रवाई को सुरक्षा विशेषज्ञोें ने बेहतर कदम बताया है।

नई दिल्ली, एएनआई। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भारतीय सेना की तरफ से सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने की कार्रवायी को रक्षा विशेषज्ञों ने एक बेहतर कदम बताया है। रक्षा जानकारों का कहना है कि भारत के इस कदम से पाकिस्तान समेत पूरी दुनिया में भारत को लेकर एक साकारात्मक और सख्त संदेश जाएगा।
पूर्व विंग कमांडर प्रफुल्ल बख्शी का कहना है कि उड़ी में सेना पर हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री ने जो कहा वह करके दिखा दिया। बख्शी ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक का मतलब सर्जिकल ऑपरेशन की तरह की होता है जिसमें किसी खास प्रभावित इलाके में ही 'ऑपरेशन' चलाया जाता है।
जबकि, पूर्व डीजीएमओ और रक्षा के जानकार विनोद भाटिया ने कहा कि इससे पाकिस्तान को बेहद स्पष्ट और सख्त संदेश है कि अगर भारत में वह आतंकवाद फैलाएंगे तो उन्हें उसका खामियाजा भुगतना होगा।
तो वहीं, भारत की तरफ से किए गए सर्जिकल स्ट्राइक पर एक और विशेषज्ञ पी.के. सहगल का कहना है कि भारत ने ऐसा कर पाकिस्तान और विश्व समुदाय को एक कड़ा संदेश दिया है। भारत के इस कदम से साफ है कि भविष्य में वह किसी भी ऐसी हरकत को बर्दाश्त नहीं करेगा। सहगल ने आगे कहा कि हमने सिर्फ उन लोगों को दंडित किया है जिन्होंने हमारा नुकसान पहुंचाया। हमारे 18 सेना के जवानों को उन लोगों ने मार दिए वह भी उस वक्त जब सभी गहरी नींद में सो रहे थे।
तो वहीं, एक और रक्षा जानकार मनोमहन बहादुर ने सभी राजनीतिक पार्टियों को इस पर राजनीति करने से परहेज करते हुए चेताया कि पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को कोई अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल ना करे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह कदम देश के पीएम होने के नाते उठाया है ना कि एक राजनीतिक पार्टी के सदस्य होने के नाते।