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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच 'लुका-छिपी' का खेल!

By Tilak RajEdited By:
Updated: Tue, 17 Mar 2015 02:32 PM (IST)

ऐसा लग रहा है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच इन दिनों 'लुका-छिपी' का खेल चल रहा है। प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव ने अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए समय मांगा है, लेकिन अभी इनकी मुलाकात नहीं हो पाई है। इधर आशीष खेतान ने प्रशांत से मिलने

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नई दिल्ली। ऐसा लग रहा है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच इन दिनों 'लुका-छिपी' का खेल चल रहा है। प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव ने अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए समय मांगा है, लेकिन अभी इनकी मुलाकात नहीं हो पाई है। इधर आशीष खेतान ने प्रशांत से मिलने का समय मांगा, तो उन्होंने मिलने से मना कर दिया। हालांकि ने प्रशांत से कहा है कि वो जल्द मिलेंगे।

आम आदमी पार्टी में पिछले कई दिनों से झमासान मचा हुआ है। योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को पीएसी से बाहर कर दिया गया है। इन्हें बाहर करने का फरमान जिस बैठक में सुनाया गया था, उसमें केजरीवाल उपस्थित नहीं थे। इसलिए अरविंद केजरीवाल जब बेंगलुरु से लौटे तो योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की, लेकिन अभी तक इनकी मुलाकात नहीं हो पाई है। हां, केजरीवाल ने प्रशांत भूषण को जल्द मिलने का आश्वासन जरूर दिया है। केजरीवाल ने प्रशांत को मैसेज किया, 'हम जल्द मिलेंगे।'

दरअसल, केजरीवाल चाह रहे थे कि उनसे मिलने से पहले योगेंद्र और प्रशांत आशीष खेतान से मिल अपनी बात साफ कर दें। आशीष ने प्रशांत भूषण से मिलने का समय भी मांगा, लेकिन उन्होंने मिलने से इन्कार कर दिया। ऐसा लग रहा है कि 'आप' के नेता एक-दूसरे से लुका-छिपी खेल रहे हैं।

इधर योगेंद्र यादव से जब पूछा गया कि वह केजरीवाल से कब मिलने वाले हैं तो उन्होंने कहा, 'जरूर मिलेंगे, जैसे ही समय मिलेगा उनसे(अरविंद केजरीवाल) जरूर मिलेंगे।'

आम आदमी पार्टी में चल रहे झमासान पर पिछले दिनों एक न्यूज चैनल पर योगगरु बाबा रामदेव ने कहा था कि केजरीवाल मुंह छिपाकर बैठे हैं। वे अपने पुराने साथियों योगेंद्र और प्रशांत से आखिर क्यों नहीं मिलना चाहते? दिल्ली की जनता ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी है। उन्हें ऐसे अपने ही पुरान साथियों से नजरें नहीं चुरानी चाहिए।

क्या वाकइ केजरीवाल 'आप' के कथित 'बागी' साथियों से नजरें चुरा रहे हैं? आखिर क्यों केजरीवाल इन्हें मिलने का समय नहीं दे रहे हैं? ऐसे कई सवाल हैं, जिनका जवाब शायद केजरीवाल के पास ही है। बता दें कि प्रशांत और योगेंद्र पर दिल्ली चुनाव के दौरान पार्टी की छवि बिगाड़ने के प्रयास का आरोप लगाया गया है। इतना ही इन दोनों नेताओं पर अरविंद केजरीवाल की छवि को भी धूमिल करने का आरोप है।

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