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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोल घोटाला: सांसद दर्डा व अन्य के खिलाफ दोबारा होगी जांच

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Fri, 21 Nov 2014 01:49 AM (IST)

कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले से संबंधित दो मामलों में सीबीआइ द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष जज भरत पाराशर ने खारिज कर दी है। अदालत ने दोनों मामलों में दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। इनमें से एक मामले में सांसद विजय दर्डा व अन्य, जबकि दूसरे

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नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले से संबंधित दो मामलों में सीबीआइ द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष जज भरत पाराशर ने खारिज कर दी है। अदालत ने दोनों मामलों में दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। इनमें से एक मामले में सांसद विजय दर्डा व अन्य, जबकि दूसरे मामले में एक फर्म व तीन व्यक्ति आरोपी हैं।

सीबीआइ ने सांसद विजय दर्डा, उनके बेटे देवेंद्र दर्डा व अन्य को क्लीन चिट दे दी थी। अदालत ने जांच एजेंसी से कहा है कि वह दोबारा जांच करे और 19 दिसंबर को रिपोर्ट दायर करे। सीबीआइ ने जेएलडी यावटमल एनर्जी लिमिटेड, उसके निदेशक विजय दर्डा, उनके बेटे देवेंद्र दर्डा, राजेंद्र दर्डा व अन्य के खिलाफ दर्ज मामले को बंद करने की मांग की थी। एक अन्य मामले में सीबीआइ ने नागपुर के व्यवसायी मनोज जायसवाल, जेएएस इंफ्रास्ट्रक्चर एंड पॉवर लिमिटेड, अभिषेक जायसवाल व आनंद जायसवाल के खिलाफ दर्ज मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर की थी। इसमें भी उसे 19 दिसंबर तक रिपोर्ट पेश करनी है।

पूर्व कोयला सचिव भी फंसे

कोल घोटाले से जुड़े के एक अन्य मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता व दो अन्य सरकारी कर्मियों के खिलाफ भी जांच का आदेश दिया है। विशेष जज भरत पाराशर ने कहा कि प्रथमदृष्टया इन सबका व्यवहार आपराधिक व्यवहार के दायरे में आता है। इसलिए सीबीआइ इस मामले में फिर से जांच करें। यह मामला नागपुर स्थित एक फर्म से संबंधित है। इसमें जांच एजेंसी ने मामला बंद की मांग करते हुए क्लोजर रिपोर्ट दायर की थी।

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