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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्‍ली में अवैध निर्माण पर केजरीवाल सरकार का यू-टर्न

By Sumit KumarEdited By:
Updated: Sat, 21 Feb 2015 11:41 AM (IST)

अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर पिछले चार दिन से चल रही ऊहापोह पर दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए अपना फैसला बदल दिया है। सरकार ने नया आदेश जारी कर कहा है कि अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए स्थानीय निकाय स्वतंत्र हैं और वे अपनी

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नई दिल्ली। अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर पिछले चार दिन से चल रही ऊहापोह पर दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए अपना फैसला बदल दिया है। सरकार ने नया आदेश जारी कर कहा है कि अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए स्थानीय निकाय स्वतंत्र हैं और वे अपनी कार्रवाई जारी रखें। दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव (शहरी विकास) नरेंद्र कुमार ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए।

ज्ञात हो कि सरकार गठन के बाद गत 16 फरवरी को दिल्ली सरकार ने कैबिनेट की पहली बैठक के बाद आदेश जारी किया था कि दिल्ली में कोई तोड़फोड़ नहीं होगी और कोई झुग्गी नहीं तोड़ी जाएगी। हालांकि, आदेश में इस बात का जिक्र था कि अदालती आदेश पर होने वाली कार्रवाई जारी रहेगी। मगर अवैध निर्माण को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।

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दैनिक जागरण ने भी इस संबंध में समाचार प्रकाशित किया था कि कुछ लोग इस आदेश का दुरुपयोग कर सकते हैं। सरकार को इस बात का अहसास हुआ है कि इस आदेश से गलत लोगों को बढ़ावा मिल सकता है। जिस पर सरकार ने इसके लिए शुक्रवार को नया आदेश जारी किया और कहा कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्थानीय निकाय स्वतंत्र हैं और यदि वे इसे नहीं रोक पाते हैं तो इसके लिए वे ही जिम्मेदार होंगे।

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20 फरवरी को जारी किए गए आदेश की क्रम संख्या एफ.13 (50)/2011/ यूडी/ एमबी 1024 है। इस आदेश की प्रतिलिपि मंडल आयुक्त, वन एवं वन्य जीव विभाग, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद, तीनों नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण, जल बोर्ड व दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड आदि को भेजी गई है।

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