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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जेएनयू विवाद : दिल्ली पुलिस ने खंगाली उमर की कॉल डिटेल, मिली अहम जानकारी

By Sachin MishraEdited By:
Updated: Fri, 19 Feb 2016 12:19 PM (IST)

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर सांस्कृतिक संध्या आयोजित करने व देशविरोधी नारे लगाने वाले चिह्नित छात्रों की तलाश में देश भर में छापेमारी की जा रही है। पुलिस उमर खालिद के पिछले 2 महीने के कॉल रिकार्ड की जांच कर रही...

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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर सांस्कृतिक संध्या आयोजित करने व देशविरोधी नारे लगाने वाले चिह्नित छात्रों की तलाश में देश भर में छापेमारी की जा रही है। पुलिस उमर खालिद के पिछले 2 महीने के कॉल रिकार्ड की जांच कर रही है। उमर खालिद के मोबाइल से 3 फरवरी से 9 फरवरी तक 800 कॉल किए गए जिनमें 38 कॉल जम्मू कश्मीर में किए गए और 65 कॉल जम्मू कश्मीर से उमर के मोबाइल पर आए बांग्लादेश और गल्फ़ में भी कॉल किए गए।

जांच में पुलिस को जेएनयू मामले के मास्टरमाइंड उमर खलिद के बारे में अहम जानकारी भी मिली है। उमर माओवादियों के छात्र संगठन (स्टूडेंट विंग) का सदस्य है। उसका पिता सैयद कासिम इलियास प्रतिबंधित संगठन सिमी का मुखिया रहा है।

'मुस्लिम होने की वजह से फंसाया जा रहा'

उमर खालिद के पिता सैयद कासिम इलियास ने कहा कि मुस्लिम होने की वजह से ही उनके बेटे को फंसाया जा रहा है। इलियास ने कहा कि फिलहाल उनके बेटे के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने उमर खालिद से अदालत के सामने सरेंडर करने की अपील भी की।

पुलिस कर रही छापेमारी

इलयास जामिया के जाकिर नगर में रहता है। जेएनयू से उमर के फरार होने के बाद पुलिस ने जाकिर नगर में भी कई बार छापेमारी की। हाल ही में उसकी लोकेशन जम्मू-कश्मीर व शिमला में मिली थी। पुलिस की एक टीम तीन दिन पहले शिमला गई थी। दक्षिण जिला पुलिस की टीम ने वहां कई संभावित ठिकानों पर उमर की तलाश में छापेमारी की, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।

उमर के साथी अर्निबन भट्टाचार्य की तलाश में भी कई जगहों पर छापेमारी की गई।

कन्हैया ने बताए कुछ नाम

कन्हैया ने पूछताछ में जेएनयू के एक दर्जन छात्रों के नाम बताए हैं, जो देशविरोधी हरकतों में शामिल थे। पुलिस अधिकारी का कहना है कि ऐसे कई वीडियो पुलिस के पास हैं, जिनमें कन्हैया देशविरोधी नारे लगाते हुए नजर आ रहा है। घटना के तूल पकड़ने पर उसने 11 फरवरी को जेएनयू में सभा आयोजित कर फर्जी तरीके से कुछ वीडियो बनवा लिए थे और और बाद में उन्हें प्रसारित करा दिया, इन वीडियो में वह देशविरोधी नारे नहीं लगा रहा है। उमर खालिद जैसे छात्र से उसकी गहरी दोस्ती होने से पता चलता है कि कन्हैया काफी समय से देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त है।

पुलिस के पास हैं पर्याप्त सुबूत : बस्सी

पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने गुरुवार को एक चैनल को दिए साक्षात्कार में फिर कहा कि पुलिस के पास कन्हैया व अन्य के खिलाफ पर्याप्त सुबूत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, लेकिन वह अपने स्टैंड पर कायम हैं। कन्हैया ही नहीं, बल्कि कई ऐसे छात्र हैं जिनके खिलाफ पर्याप्त सुबूत हैं।

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