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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ट्रैक की सुरक्षा बढ़ने के साथ बदलेगी जांच की दिशा

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Wed, 18 Jan 2017 07:33 PM (IST)Updated: Wed, 18 Jan 2017 07:41 PM (IST)

अभी तक ये जांचें रेलवे की गलती के कोण से की जा रही थीं। परंतु अब इनमें बाहरी तत्वों द्वारा ...और पढ़ें

ट्रैक की सुरक्षा बढ़ने के साथ बदलेगी जांच की दिशा
ट्रैक की सुरक्षा बढ़ने के साथ बदलेगी जांच की दिशा

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कानपुर के नजदीक दो ट्रेन हादसों के पीछे साजिश और आइएसआइ का हाथ होने के खुलासे के बाद रेलवे ने सभी राज्यों की पुलिस से ट्रैक की सुरक्षा बढ़ाने का अनुरोध किया है। रेलवे सुरक्षा बल ने भी अपनी ओर से निगरानी बढ़ा दी है। इस बीच दोनों हादसों को लेकर रेलवे संरक्षा आयुक्तों की जांच की दिशा भी इस खुलासे के बाद बदलने का संकेत मिले हैं। अभी तक ये जांचें रेलवे की गलती के कोण से की जा रही थीं। परंतु अब इनमें बाहरी तत्वों द्वारा ट्रैक से छेड़छाड़ की संभावनाओं का एंगल भी जुड़ गया है।

मंगलवार को बिहार के मोतीहारी में पुलिस ने तीन अपराधियों को पकड़ा था जिन्होंने कानपुर के निकट पुखरायां और रूरा में हुए ट्रेन हादसों के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ का हाथ होने की बात कबूली है। इसी के साथ यूपी के हालिया ट्रेन हादसों और रेल फ्रैक्चर की घटनाओं के पीछे षड्यंत्र की आशकांओं को बल मिला है। पुखरायां के निकट 20 नवंबर को तड़के राजेंद्रनगर-इंदौर एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने से 142 यात्रियों की मौत हो गई थी। जबकि 28 दिसंबर को रूरा के निकट अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। इसमें 44 लोग घायल हो गए थे। दूसरी ओर 1 जनवरी को कानपुर के ही नजदीक कल्याणपुर और मंधना के बीच कुछ अपराधी तत्वों द्वारा ट्रैक को काटने के प्रयास की घटना सामने आई थी। इसके बाद बिठूर थाने की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी थी और रेलवे सुरक्षा बल को भी इस बारे में सूचित कर दिया था। इस घटना के बाद यूपी की रेल दुर्घटनाओं के पीछे साजिश की आशंकाओं को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक एसके भगत ने उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक से इस मामले की सीबीआइ जांच कराने का अनुरोध किया था। यह अलग बात है कि इस संबंध में कोई फैसला अभी तक नहीं हुआ है।

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इस बीच इन हादसों को लेकर रेलवे संरक्षा आयुक्त की जांच की दिशा बदलने की संभावना है। अब तक इन हादसों की जांच तापमान में परिवर्तन के कारण ट्रैक में दरार के दृष्टिकोण से की जा रही थी। परंतु अब इसमें साजिश का कोण भी जुड़ गया है। पुखरायां हादसे की जांच कर रहे पूर्वोत्तर सर्किल के संरक्षा आयुक्त पीके आचार्य इन दिनों दरभंगा में ही हैं। मोतीहारी में हुए खुलासों पर अवश्य ही उनकी नजर होगी। सूत्रों के अनुसार उन्होंने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट तैयार कर मुख्य संरक्षा आयुक्त को सौंप दी है। लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण इसे जारी नहीं किया जा रहा है। लेकिन सूत्रों के अनुसार प्राथमिक रिपोर्ट में दुर्घटना का कारण ट्रैक का पहले से टूटा होना बताया गया है। लेकिन यह अपने आप टूटा या साजिश के तहत काटा गया, इसका पता लगाने के लिए ज्यादा विस्तृत जांच व फारेंसिक प्रमाणों की जरूरत बताई गई है। दूसरी ओर रूरा हादसे की जांच उत्तरी सर्किल के संरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक कर रहे हैं।

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