यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
प्रीमियम ट्रेन के यात्रियों को मिल सकती हैं ये आधुनिक सुविधाएं
रेल बजट -2014 में राजधानी ट्रेनों में डिस्पोजेबल लिनेन (इस्तेमाल कर फेक दिए जाने वाले कपड़े) और शताब्दी ट्रेनों में स्वचालित दरवाजे लगाए जाने की योजना ...और पढ़ें

नई दिल्ली। रेल बजट-2014 में राजधानी ट्रेनों में डिस्पोजेबल लिनेन (इस्तेमाल कर फेंक दिए जाने वाले कपड़े) और शताब्दी ट्रेनों में स्वचालित दरवाजे लगाए जाने की योजना का प्रस्ताव किया जा सकता है। इसके साथ यात्री डिब्बों में आग रोकने के पुख्ता इंतजाम के प्रस्ताव को भी शामिल किया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक रेल मंत्री का फोकस ट्रेनों में बेहतर यात्री सुविधाओं और सुरक्षा पर रहेगा। वहीं, एक कदम और आगे बढ़ाते हुए रेल यात्रियों की सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए अब सफाई के लिए बेंगलूर राजधानी में पायलट प्रोजेक्ट के तौर डिस्पोजेबल बेडरोल्स को लाया जाएगा। यात्रियों के फीडबैक के आधार पर इस सुविधा को अन्य राजधानी ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा।
इसके साथ, पूरी तरह से सुरक्षित करने के लिए शताब्दी ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर स्वचालित दरवाजे लगाए जाएंगे। इसे सबअर्बन की ईएमयू ट्रेनों में भी लगाया जाएगा।
डेयरी उत्पादों और दुग्ध उत्पादों की बढ़ती मांग की वजह से रेलवे उच्च क्षमता के दुग्ध वाहनों को विकसित करने का भी प्रस्ताव कर रहा है। जिसमें 44600 लीटर की ढुलाई की जा सके। फिलहाल इसकी क्षमता 40000 लीटर की है। इससे दुग्ध वाहन की ढोने की क्षमता बढ़ेगी और नए डिजाइन के दुग्ध वाहन का वजन 37 टन से घटकर 29.7 टन हो जाएगा।
साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से बढ़ती मांग की वजह से रेलवे अपने बजेटरी प्लान में उच्च क्षमता के वैगन बनाने को अंतिम रूप दे रहा है। ताकि ज्यादा से ज्यादा स्टील की ढुलाई की जा सके। योजना के मुताबिक ट्रांसपोर्टरों को ध्यान में रखते हुए 3944 टन के क्वॉयल को ढोने के लिए वैगन के निर्माण का प्रस्ताव किया जा रहा है। फिलहाल इसकी क्षमता 2346 टन की है। इसके साथ पार्सल वाहनों की क्षमता बढ़ाने के भी प्रस्ताव की संभावना व्यक्त की जा रही है। गौरतलब है कि मोदी सरकार 8 जुलाई को रेल बजट पेश करेगी।

