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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जलीकट्टू मामला: अध्‍यादेश की मांग के साथ डीएमके का राज्‍यव्‍यापी प्रदर्शन

    By Monika minalEdited By:
    Updated: Fri, 13 Jan 2017 12:19 PM (IST)

    पोंगल पर खेले जाने वाले पारंपरिक जलीकट्टू खेल पर से प्रतिबंध हटाने और अध्‍यादेश की मांग करते हुए डीएमके कार्यकर्ता राज्‍यव्‍यापी प्रदर्शन कर रहे हैं। ...और पढ़ें

    जलीकट्टू मामला: अध्‍यादेश की मांग के साथ डीएमके का राज्‍यव्‍यापी प्रदर्शन
    जलीकट्टू मामला: अध्‍यादेश की मांग के साथ डीएमके का राज्‍यव्‍यापी प्रदर्शन

    चेन्नई (एएनआई)। तमिलनाडु में शुक्रवार को जलीकट्टू मामले पर आक्रोशित डीएमके के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है।

    प्रदर्शन कर रहे डीएमके के कार्यकर्ता कलेक्टर के कार्यालय के पास एकत्रित हो गए। पार्टी के अध्यक्ष एम के स्टालिन और कनिमोझी भी प्रदर्शन में शामिल हैं।

    पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जलीकट्टू मामले में शनिवार से पहले नहीं होगी सुनवाई

    Centre government should bring an ordinance immediately and state government should ensure it: MK Stalin #jallikattu pic.twitter.com/byLDkQuBn9

    — ANI (@ANI_news) January 13, 2017

    स्टालिन ने कहा, ‘जलीकट्टू हमारी परंपरा है लेकिन इसके संचालन के लिए अनुमति प्राप्त करने में केंद्र व राज्य सरकार दोनों ही असफल रही। केंद्र सरकार को इस मामले में तुरंत अध्यादेश लाना चाहिए और राज्य सरकार को इसे सुनिश्चित कराना चाहिए।‘

    पढ़ें: जलीकट्टू पर अध्यादेश जारी करने की मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने की मांग

    #jallikattu practice underway in Tamil Nadu's Madurai pic.twitter.com/tW2yf8siVV

    इस बीच तमिलनाडु के मदुरै में आज जलीकट्टू खेला जा रहा है।

    बता दें कि तमिलनाडु में सांड से जूझने वाले परंपरागत खेल जलीकट्टू को फिर से शुरू करने की अनुमति देने वाला अध्यादेश जारी करने के लिए मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस खेल में सांड को उत्तेजित किया जाता है और इसके बाद लोग उसे घेरते हैं। इस खेल में तमाम लोग घायल हो जाते हैं, कई बार तो लोगों की मौत भी हुई है। खेल में जानवर को भी चोट लगती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस खेल पर वर्ष 2014 में रोक लगा दी थी।