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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत-तुर्की व्यापार इवेंट में मोदी ने कहा- आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रबल संभावना

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Mon, 01 May 2017 04:11 PM (IST)

दोनों देशों के बीच विभिन्‍न मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ताओं का दौर शुरू होने वाला है। इसमें न्‍यूक्लियर सप्‍लाई ग्रुप में सदस्‍यता को लेकर वार्ता भी शामिल है।

भारत-तुर्की व्यापार इवेंट में मोदी ने कहा- आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रबल संभावना
भारत-तुर्की व्यापार इवेंट में मोदी ने कहा- आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रबल संभावना

नई दिल्ली, जेएनएन। भारत-तुर्की बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा भारत और तुक्री के बीच मजबूत आर्थिक संबंध है। भारत और तुर्की के लोगों के मन में एक-दूसरे के प्रति सद्भावनाएं हैं, हम अपनी साझेदारी को और मजबूत करेंगे। भारत और तुर्की विश्व की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं, दोनों देशों की अर्थव्यवस्था ने एक स्थिरता दिखाई है।

उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को भारत-तुर्की रिश्तों का अहम आयाम बताते हुए कहा कि दोनों देश ऊर्जा की कमी से जूझ रहे हैं, ऊर्जा का क्षेत्र दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए मजबूत स्तंभ साबित हो सकता है। पर्यटन का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा तुर्की का पर्यटन दुनिया भर में जाना जाता है। पिछले कुछ सालों से तुर्की जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत-तुर्की द्विपक्षीय व्यापार जो 2008 में 2.8 अरब डॉलर था अब बढ़कर 2016 में 6.4 अरब डॉलर हो गया है।

पीएम मोदी ने कहा हम जिस तरह राजनैतिक संबंध मजबूत करने पर जोर देते हैं, अब समय आ गया है कि उससे ज्यादा प्रयास आर्थिक संबंध मजबूत करने के लिए करें। उन्होंने आर्थिक सुधारों की दिशा में जीएसटी का जिक्र करते हुए कहा कि जीएसटी पूरे देश में एक जैसा आर्थिक माहौल बनाने की कवायद में उठाया गया कदम है। हमारी सरकार 3 साल पहले आई थी। तब से हमने अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कई प्रयास किए हैं। पीएम मोदी ने कहा 50 शहरों में मेट्रो रेल और हाई स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट की योजना बना रहे हैं।

इससे पहले भारत की दो दिवसीय यात्रा पर आए तुर्की के राष्‍ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन का राष्‍ट्रपति भवन में औपचारिक स्‍वागत किया गया। उन्‍हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे।

इसके बाद तुर्की के राष्‍ट्रपति ने राजघाट जाकर महात्‍मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच विभिन्‍न मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ताओं का दौर शुरू होने वाला है। इसमें न्‍यूक्लियर सप्‍लाई ग्रुप में सदस्‍यता को लेकर वार्ता भी शामिल है।

हालांकि तुर्की के राष्‍ट्रपति ने इस मुद्दे पर भारत की दावेदारी का समर्थन करने की बात कही है। उनका कहना है कि उन्‍हें भारत को इस ग्रुप का सदस्‍य बनाए जाने में कोई आपत्ति नहीं है। इसके अलावा परस्पर हित के मुद्दों पर आज इर्दोगन राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी समेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज समेत विभिन्‍न वरिष्‍ठ मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। कई रणनीतिक मुद्दों के साथ ही आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने और कारोबार की दिशा में भी दोनों देशों के बीच अहम चर्चा होने की उम्मीद है।

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