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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एस्सार व रुइया पर सीबीआइ कोर्ट में ही चलेगा मुकदमा

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Tue, 29 Sep 2015 09:23 PM (IST)

चर्चित 2जी घोटाले में आरोपी एस्सार टेलीहोल्डिंग लिमिटेड और इसके प्रमोटरों अंशुमान एस रुइया और रवि एस रुइया के खिलाफ विशेष सीबीआइ अदालत में ही मुकदमा चलता रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रुइया और एस्सार की याचिका खारिज कर दी।

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नई दिल्ली। चर्चित 2जी घोटाले में आरोपी एस्सार टेलीहोल्डिंग लिमिटेड और इसके प्रमोटरों अंशुमान एस रुइया और रवि एस रुइया के खिलाफ विशेष सीबीआइ अदालत में ही मुकदमा चलता रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रुइया और एस्सार की याचिका खारिज कर दी। याचिका में एस्सार और रुइया ने अपने खिलाफ 2जी घोटाले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई सीबीआइ की विशेष अदालत की बजाय मजिस्ट्रेट कोर्ट से कराने की अपील की गई थी।

प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू, जस्टिस एके सीकरी तथा जस्टिस आरएफ नरीमन की पीठ ने कहा कि हम रिट याचिका और अपील खारिज करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर को कंपनी व रुइया की ओर से दाखिल याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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एस्सार कंपनी और इसके मालिकों ने यह कहते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत कोई अपराध नहीं बनता, इसलिए विशेष 2जी कोर्ट के पास उनपर मुकदमा चलाने का अधिकार नहीं है। उनके खिलाफ आइपीसी की धारा 420 और 120 बी के तहत क्रमश: धोखाधड़ी व षड्यंत्र का मामला दर्ज है, इसलिए उनसे संबंधित मामले की सुनवाई सिर्फ मजिस्ट्रेट कोर्ट में हो सकती है।

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सीबीआइ ने उनकी याचिका का विरोध करते हुए कहा कि कंपनी और उसके प्रमोटर (प्रवर्तक) मुकदमे के अग्रिम चरण में जानबूझकर देरी करना चाहते हैं। सीबीआइ ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले मामले में अन्य आरोपियों के साथ संयुक्त तौर पर मुकदमा चलाने की मांग संबंधी उनकी दूसरी याचिका का यह कहते हुए विरोध किया कि इससे सुनवाई में चार साल की और देरी होगी। 2जी मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा भी आरोपी हैं।

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