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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    केंद्र ने लगाई बीस हजार एनजीओ के विदेशी चंदे पर रोक

    By Kamal VermaEdited By:
    Updated: Wed, 28 Dec 2016 08:32 AM (IST)

    केंद्र ने बीस हजार एनजीओ के लाइसेंस रद कर दिए हैं। इन पर एफसीआरए के तहत विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप है। ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली (पीटीआई)। केंद्र सरकार ने 33 हजार गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) में से 20 हजार एनजीओ के लाइसेंस रद कर दिए हैं। खारिज किए गए एनजीओ पर एफसीआरए के तहत विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप है। लाइसेंस रद होने से यह बीस हजार एनजीओ अब विदेश से चंदा नहीं ले पाएंगे। गृह मंत्रालय के विदेश संबंध प्रभाग ने मंगलवार को एक समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को यह जानकारी दी।

    एक विस्तृत ब्योरा देते हुए गृह मंत्रालय के अफसरों ने बताया कि करीब 20 हजार एनजीओ के एफसीआरए लाइसेंस रद करने के बाद अब देश में केवल 13 हजार एनजीओ ही विदेशी चंदा हासिल करने के हकदार हैं। इन 13 हजार वैध गैर सरकारी संगठनों में से तीन हजार एनजीओ ने गृह मंत्रालय को अपने नवीनीकरण के लिए आवेदन भेजा है। जबकि मंत्रालय के पास एफसीआरए के तहत पहली बार पंजीकरण के लिए 2 हजार नए आवेदन भी आए हैं।

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    हालांकि 300 अतिरिक्त एनजीओ ऐसे भी हैं जिन्हें स्वीकृति की वरीयता की श्रेणी में रखा गया है। लेकिन यह एनजीओ एफसीआरए के तहत पंजीकृत नहीं हैं। इसके अलावा, करीब 16 एनजीओ के एफसीआरए लाइसेंस गृह मंत्रालय ने स्वत: स्वीकृत कर दिए हैं। 14 एनजीओ को वरीयता अनुमति श्रेणी में रखा गया है। जबकि दो एनजीओ की जांच चल रही है। उल्लेखनीय है कि एफसीआरए के तहत अगर कोई एनजीओ वरीयता अनुमति श्रेणी में आता है तो गृह मंत्रालय की मंजूरी के बगैर विदेश से धन नहीं ले सकता है।

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