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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कश्मीर आपदा: सुप्रीम कोर्ट ने चिकित्सकों की कमी पर जताई चिंता

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Updated: Fri, 19 Sep 2014 08:50 AM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त मदद और पुनर्वास उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए डाक्टरों की कमी पर चिंता जताई है। कोर्ट ने केंद्र और जम्मू कश्मीर राज्य से कहा है कि वह अन्य राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों से डाक्टरों की उपलब्धता पर बात करें।

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नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त मदद और पुनर्वास उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए डाक्टरों की कमी पर चिंता जताई है। कोर्ट ने केंद्र और जम्मू कश्मीर राज्य से कहा है कि वह अन्य राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों से डाक्टरों की उपलब्धता पर बात करें।

ये निर्देश मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढा की अध्यक्षता वाली पीठ ने जम्मू कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों को मदद और पुनर्वास की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिए।

पीठ ने राज्य सरकार से कहा कि उसके हलफनामें में गंदगी हटाने और साफ-सुथरा माहौल देने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। इतनी गंदगी तो महामारी को निमंत्रण है। पीठ ने कहा कि पीड़ितों की मदद के लिए सभी को मिल कर प्रयास करने होंगे। उनकी बड़ी चिंता तो भोजन, पीने का पानी, चिकित्सा सुविधाएं और कंबल आदि की आपूर्ति को लेकर है। इनकी कमी मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं और मौलिक आधिकारों का हनन।

केंद्र सरकार की ओर से पेश एटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अन्य राज्यों के स्वास्थ्य सचिव से डाक्टरों की उपलब्धता पर बातचीत करेंगे। पीठ ने एटार्नी जनरल के इस बयान को आदेश में दर्ज किया। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार ने पीड़ितों की मदद और पुनर्वास के लिए किए जा रहे कार्यो का कोर्ट को ब्योरा दिया।