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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूर्व केन्द्रीयमंत्री कमलनाथ भी चाहते हैं पार्टी में बदलाव

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Sun, 22 May 2016 05:23 AM (IST)

पूर्व केन्द्रीयमंत्री कमलनाथ भी चाहते हैं कि पार्टी के अंदर बदलाव हो। हालांकि, वे चाहते हैं कि अभी शीर्ष नेतृत्व सोनिया गांधी के हाथ में ही रहना चाहिए।

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नई दिल्ली, प्रेट्र : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ भी पार्टी में बदलाव चाहने वालों में शामिल हो गए। बदलाव का समर्थन करने के बावजूद उन्होंने सोनिया गांधी के अध्यक्ष पद पर बने रहने का समर्थन किया और कहा पार्टी की कमान संभालने का फैसला राहुल गांधी पर छोड़ा जाना चाहिए। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पार्टी में बदलाव की जोरदार मांग उठने लगी है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दोनों गांधी को हार के लिए आलोचना से बचाव किया और जोर देकर कहा कि पार्टी में सभी को इसकी बराबर जिम्मेवारी स्वीकार करनी चाहिए। वरिष्ठ कांग्रेसी ने एआइसीसी सचिवालय और कांग्रेस कार्यसमिति के साथ ही राज्य इकाइयों में फेरबदल की वकालत की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में किसी भी बदलाव की जरूरत नहीं है।

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एक निजी चैनल पर करन थापर से बातचीत में कमलनाथ ने कहा, 'सोनिया गांधी को पार्टी अध्यक्ष के पद पर बने रहना चाहिए। पार्टी अध्यक्ष का प्रभार कब लेंगे यह फैसला राहुल गांधी पर ही छोड़ा जाना चाहिए।' उन्होंने पार्टी में वंशानुगत आधिपत्य की दलीलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक रूप से गांधी चुनी गई हैं और कांग्रेस में लोकतंत्र पर वंश का राज नहीं है।

उन्होंने यह भी साफ किया, 'पार्टी ने फैसला लिया है कि राहुल गांधी अगले अध्यक्ष होंगे। पार्टी ने सोनिया और राहुल को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में चुना है।' उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह पार्टी के फैसलों के साथ खड़े हैं।