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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गडकरी जासूसी प्रकरण में मोदी सरकार दे जवाब: मनमोहन सिंह

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Updated: Mon, 28 Jul 2014 01:37 PM (IST)

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की जासूसी करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां गडकरी इस प्रकरण को झूठा बता र ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की जासूसी करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां गडकरी इस प्रकरण को झूठा बता रहे हैं तो दूसरी तरफ राजनीतिक पार्टियां इस पर मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गई हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि मोदी सरकार को मामले पर सदन में जवाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। डीएमके ने इस प्रकरण में गडकरी के किसी करीबी के होने की आशंका व्यक्त की है। उनका कहना है कि कोई घर वाला ही यह कार्य कर सकता है। इससे पहले एनसीपी ने मामले को संसद में उठाने की बात कही है तो कांग्रेस ने पीएम मोदी और गृह मंत्री राजनाथ से सफाई मांगी।

उधर, गडकरी ने रविवार को उनकी जासूसी करने की खबरों पर विराम लगाते हुए कहा कि उनके आवास से किसी भी तरह का कोई जासूसी उपकरण नहीं मिला है। गडकरी ने रविवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। कहा, मीडिया में छपी खबर गलत है। गडकरी के बयान के उलट भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मामला यूपीए के शासनकाल से जुड़ा बताया है। स्वामी ने कहा कि यह घटना पिछले साल अक्टूबर की है जब यूपीए सरकार सत्ता में थी और बिना उसके जानकारी के नहीं हो सकता है। गौरतलब है कि एक अंग्रेजी अखबार में नितिन गडकरी के 13 तीन मूर्ति लेन स्थित आवास में हाई पावर लिसनिंग [आवाज सुनने का उपकरण] यंत्र लगे होने की बात प्रकाशित की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार खबर प्रकाशित होने के बाद गडकरी के आवास की पूरी जांच की गई थी जिसमें जासूसी उपकरण मिलने की बात कही गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक गडकरी ने इसकी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी दी थी।

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