यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भाजपा में शामिल नहीं होंगे सौरव गांगुली, अटकलें की खारिज
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने गुरुवार को एक बार फिर भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज किया। फुटबाल टीम में सौरभ के साथ सहमालिक आरपीजी इंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने एक ट्वीट के जरिये इसकी जानकारी दी थी, जिसके बाद 'दादा' के भाजपा

कोलकाता। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने गुरुवार को एक बार फिर भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज किया। फुटबाल टीम में सौरभ के साथ सहमालिक आरपीजी इंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने एक ट्वीट के जरिये इसकी जानकारी दी थी, जिसके बाद 'दादा' के भाजपा में जाने को लेकर चर्चा बढ़ गई थी। आखिरकार पूर्व क्रिकेट कप्तान ने खुद इन अटकलों पर विराम लगाया। कहा, वे राजनीति के मैदान में नहीं उतरेंगे।
दरअसल, इंडियन सुपर लीग (आइएसएल) में कोलकाता की फुटबाल टीम एटलेटिको डि कोलकाता के सहमालिकों में सौरभ के साथ आरपीजी गोयनका ग्रुप के प्रमुख संजीव गोयनका भी हैं। बुधवार रात इसी परिवार के हर्ष गोयनका ने ट्वीट किया कि सौरभ गांगुली यानी दादा भाजपा में शामिल होकर दीदी यानी ममता बनर्जी को चुनौती देंगे। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया और चर्चा का बाजार गर्म हो उठा। बात दादा तक पहुंची तो उन्होंने खुद सामने आकर इन अटकलों पर विराम लगाया।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में पांव पसार रही भाजपा के पास कोई बड़ा चेहरा नहीं है। लिहाजा पार्टी की नजर 42 वर्षीय गांगुली पर लंबे समय है, लेकिन पूर्व कप्तान ने स्पष्ट कह दिया कि वे राजनीति में नहीं आ रहे हैं। गत वर्ष लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें भाजपा की ओर से टिकट दिए जाने और खेलमंत्री बनाने की चर्चा उठी थी, लेकिन उस समय भी सौरभ ने राजनीति से इन्कार कर दिया था।

