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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गीता कृष्‍णन कमेटी ने एफटीआइआइ के कामकाज पर उठाए गंभीर सवाल

By Sanjay BhardwajEdited By:
Updated: Tue, 07 Jul 2015 11:58 AM (IST)

भारतीय फिल्‍म और टेलीविजन संस्‍थान (एफटीआइआइ) में कामकाज को लेकर गीता कृष्‍णन कमेटी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कमेटी ने संस्‍थान में बदलाव की सिफारिश करते हुए इसे फिल्‍म इंडस्‍ट्री को सौंपने का सुझाव दिया है। हालांकि सरकार नहीं चाहती कि इसे निजी हाथों में सौंपा जाए।

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पुणे। भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआइआइ) में कामकाज को लेकर गीता कृष्णन कमेटी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कमेटी ने संस्थान में बदलाव की सिफारिश करते हुए इसे फिल्म इंडस्ट्री को सौंपने का सुझाव दिया है। हालांकि सरकार नहीं चाहती कि इसे निजी हाथों में सौंपा जाए।

विदित है कि टीवी अभिनेता गजेंद्र चौहान को एफटीआइआइ संचालन परिषद के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है। विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्र संगठन का कहना है कि चौहान में संस्थान की कमान संभालने के लिए ‘दृष्टिकोण और कद’ का अभाव है। अभिनेता का सत्तारूढ़ भाजपा के साथ जुड़ाव भी विवाद की जड़ है जहां छात्र उनके वैचारिक झुकाव पर विरोध जता रहे हैं और उनका कहना है कि इससे एफटीआईआई के बहुलवाद के विचार प्रभावित हो सकते हैं।

लोकप्रिय टीवी धारावाहिक महाभारत में ‘युद्धिष्ठिर’ की भूमिका निभाने को लेकर प्रसिद्धि पाने वाले चौहान ने इससे पूर्व कहा था कि उन्होंने पदभार संभाला तक नहीं है और इस पद पर अपनी योग्यता साबित करना बाकी है लेकिन उससे पहले ही उनकी नियुक्ति का छात्रों द्वारा विरोध किया जाना जल्दबाजी है।

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