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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मेक इन इंडिया पहल में भागीदारी की इच्छुक जर्मन कंपनियां

By manoj yadavEdited By:
Updated: Wed, 21 Jan 2015 08:22 PM (IST)

जर्मनी की कंपनियों ने भारत में बदलाव का स्वागत करते हुए नई सरकार की "मेक इन इंडिया" पहल में भागीदारी की इच्छा जताई है। सरकार की मेक इन इंडिया पहल का उद्देश्य विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करना और देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।

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बर्लिन। जर्मनी की कंपनियों ने भारत में बदलाव का स्वागत करते हुए नई सरकार की "मेक इन इंडिया" पहल में भागीदारी की इच्छा जताई है। सरकार की मेक इन इंडिया पहल का उद्देश्य विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करना और देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।

फ्रैंकफर्ट में एक व्यापार सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए कई कारोबारी नेताओं ने भारत के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्युटिकल्स और अक्षय ऊर्जा क्षेत्रों में साझीदारी की उम्मीद जताई। जर्मनी के हेसेन राज्य के आर्थिक, ऊर्जा, परिवहन व क्षेत्रीय विकास मंत्री तारेक अल वजीर की अगुवाई में इस साल एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर आएगा। हेसेन ट्रेड एंड इन्वेस्ट जीएमबीएच (एचटीएआई) के सीईओ रेनर वाल्डश्मिड ने यह जानकारी दी।

निवेशकों की धारणा बदली

जर्मन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बाजार की धारणा में बदलाव की उम्मीद जताई है। फ्रैंकफर्ट में भारतीय वाणिज्य दूतावास की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि पैनल चर्चा में हिस्सा लेने वालों ने सकारात्मक कारोबारी धारणा जताई है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्युटिकल्स और अक्षय ऊर्जा उद्योग के प्रतिनिधि शामिल थे।