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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, सरकार का रबड़ स्टंप बनकर रह गया आरबीआई

By Suchi SinhaEdited By:
Updated: Wed, 18 Jan 2017 07:38 PM (IST)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि आरबीआई ने अब अपनी स्वायत्ता गंवा दी है इसलिए उर्जित पटेल को इस्तीफा दे देना चाहिए।

गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, सरकार का रबड़ स्टंप बनकर रह गया आरबीआई
गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, सरकार का रबड़ स्टंप बनकर रह गया आरबीआई

नई दिल्ली, एनआई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्वयत्ता पर सवाल उठाते हुए आरबीआई के गवर्नर से इस्तीफे की मांग की है। आज़ाद ने कहा कि सीबीआई ने अपनी स्वायत्ता गंवा दी है और अब ये सरकार का महज एक रबड़ स्टंप बनकर रह गया है। उन्होंने आगे कहा कि अगर वे कहीं भी आरबीआई गवर्नर को देखेंगे तो शायद ही उन्हें पहचान पाएंगे क्योंकि वो शायद ही कभी न्यूजपेपर या किसी टेलीविज़न चैनल पर दिखते हैं।

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IMF के बहाने कांग्रेस का हमला

नोटबंदी के बाद भारत का विकास दर कम रहने के अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) के अनुमान से कांग्रेस को प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करने का मौका मिल गया है। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर भारत के विकास की गाड़ी को पटरी से उतारने का आरोप लगाया है। नोटबंदी के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रही कांग्रेस ने कहा है कि 1947 के बाद देश को जो नुकसान दुश्मन नहीं पहुंचा सके, वह मोदी सरकार ने कर दिखाया है।

IMF ने घटाया विकास दर

गौरतलब है कि आइएमएफ ने भारत के विकास दर के अनुमान को 7.6 फीसदी से घटाकर 6.6 फीसदी कर दिया है। 'भारत अब सबसे तेजी विकास करती अर्थव्यवस्था नहीं रहा, सौजन्य प्रधानमंत्री मोदी' शीर्षक से जारी प्रेस रिलीज में कांग्रेस ने कैश की कमी के कारण उपभोग में कमी और लेन-देन में दिक्कतों ने विकास की गाड़ी को पटरी से उतार दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार के इस फैसले से उद्योग, व्यापार और कृषि तीनों बुरी तरह प्रभावित हुए है। दुनिया भर के जाने-माने सभी अर्थशास्त्री ने इसके खिलाफ लिखा है।

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कांग्रेस के अनुसार भारत के किसी भी प्रधानमंत्री को दुनिया भर में इतनी आलोचना नहीं झेलनी पड़ी है। हालात यह है कि आइएमएफ ने चीन का विकास दर का अनुमान बढ़ा दिया है, जबकि भारत का घटा दिया है। कांग्रेस के अनुसार 2014 में विकास के नाम पर चुनाव जीतने वाले प्रधानमंत्री अब आंकड़ों की बाजीगरी कर विकास दर को बढ़ा हुआ दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री भले ही अच्छा भाषण दे लेते हों, लेकिन असल में देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता को मजबूत करने वाली अच्छी नीतियां तो कांग्रेस की ही देन है।