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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गोवा में हिंदी बोलने पर पत्रकार को पुलिस ने पीटा

By Sachin kEdited By:
Updated: Wed, 31 Dec 2014 05:38 AM (IST)

गोवा में राजभाषा हिंदी में बात करने वाले एक पत्रकार के साथ थाना परिसर में पुलिस द्वारा मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार एक स्थानीय न्यूज चैनल में काम करते हैं और उन्होंने घटना को रिकॉर्ड भी किया है।

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पणजी। गोवा में राजभाषा हिंदी में बात करने वाले एक पत्रकार के साथ थाना परिसर में पुलिस द्वारा मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार एक स्थानीय न्यूज चैनल में काम करते हैं और उन्होंने घटना को रिकॉर्ड भी किया है।

पीड़ित पत्रकार मुकेश कुमार ने आरोप लगाया है कि इंस्पेक्टर पीके वस्त व सब-इंस्पेक्टर विक्रम नाइक ने हिंदी में बात करने की वजह से उन्हें निशाना बनाया। मुकेश ने बताया कि शनिवार की रात को वह शहर के माला इलाके में मोबाइल फोन पर पत्नी से हिंदी में बात कर रहे थे। इतने में चार-पांच लोग वहां आकर उनके साथ धक्का-मुक्की करने लगे।

इस पर उन्होंने पुलिस को फोन किया। बकौल मुकेश घटनास्थल पर पहुंची पुलिस आरोपियों के साथ उन्हें भी थाने ले आई। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपियों से बेहद नम्र होकर बात कर रही थी और हमें प्रताड़ित किया जा रहा था। मुकेश के मुताबिक, बातचीत के दौरान ही इंस्पेक्टर ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया।

मुकेश का आरोप है कि इस बाबत शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने सोमवार तक एफआइआर दर्ज नहीं की, जबकि उन्होंने सुबूत के तौर पर वीडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को मुहैया करा दी है।

इस बीच, पणजी थाने के इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रभुदेसाई ने शिकायत मिलने की बात कही है। उन्होंने बताया कि आगे की कार्रवाई के लिए शिकायत उत्तरी गोवा के पुलिस अधीक्षक के पास भेजी गई है।

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