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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रॉ एजेंट की कानूनी सहायता की जानकारी नहीं देगी सरकार

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Updated: Sun, 27 Mar 2016 09:25 PM (IST)

काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को कानूनी संरक्षण के बारे में सरकार ने खुलासा करने से इन्कार किया है।

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नई दिल्ली। रिसर्च एंड अनैलिसिस विंग (रॉ) के विदेशों में काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को कानूनी संरक्षण के बारे में सरकार ने खुलासा करने से इन्कार किया है। कानूनी संरक्षण से संबंधित नियम एवं कायदे का ब्योरा सूचना प्राप्त करने के अधिकार (आरटीआई) के तहत नहीं दिया जा सकता है।

मंत्रिमंडल सचिवालय ने कहा है कि रॉ को मानवाधिकार हनन और भ्रष्टाचार के आरोपों को छोड़ अन्य सभी मामलों में गोपनीयता बरतने का अधिकार हासिल है। मंत्रिमंडल सचिवालय के तहत ही रॉ काम करता है।

पाकिस्तान की ओर से रॉ के एक तथाकथित जासूस को गिरफ्तार करने के दावे के बाद यह मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। विदेश मंत्रालय ने आरोपों को खारिज किया है। मंत्रालय ने कहा है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का भारत सरकार के साथ कोई संबंध नहीं है। वेंकटेश नायक ने इस संबंध में रॉ में आरटीआई अर्जी दाखिल कराई है।