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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वनरोपण में उद्योग जगत को प्रोत्साहन के लिए बनेगी नीति

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Wed, 20 Jan 2016 07:15 PM (IST)

पर्यावरण मंत्रालय वनरोपण परियोजनाओं में उद्योग जगत की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाने पर विचार कर रहा है। साथ ही मंत्रालय ने भारतीय कंपनियों से अवसरों का लाभ उठाने और अल्प कार्बन उत्सर्जन अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के लिए दायित्वों को पूरा करने को कहा है।

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नई दिल्ली। पर्यावरण मंत्रालय वनरोपण परियोजनाओं में उद्योग जगत की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाने पर विचार कर रहा है। साथ ही मंत्रालय ने भारतीय कंपनियों से अवसरों का लाभ उठाने और अल्प कार्बन उत्सर्जन अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के लिए दायित्वों को पूरा करने को कहा है।

पर्यावरण सचिव अशोक लवासा ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्यान ऊर्जा दक्षता की ओर है। ऊर्जा दक्षता की प्रक्रिया के दायरे में और अधिक क्षेत्रों को शामिल किया जा रहा है। इसके लिए लक्ष्य को बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने हाल ही में पेरिस सम्मेलन में हुए जलवायु परिवर्तन समझौते को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इसमें देशों के बीच जो राजनय, परिपक्वता और पारदर्शिता दिखी, वह सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग जगत भारत के आइएडीसी द्वारा तय लक्ष्य को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। नए व्यापार अवसरों का लाभ उठाने के लिए उद्योग जगत को इन दायित्वों को पूरा करना होगा। अल्प कार्बन उत्सर्जन क्षेत्र में उद्योग जगत की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के दो अभियान उनकी उत्साहजनक भागीदारी से सफल हुए हैं। ये अभियान हैं- राष्ट्रीय वर्धित ऊर्जा दक्षता मिशन और राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन। लवासा ने सीआइआइ के सम्मेलन के दौरान ये बातें कहीं।