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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकार ने ग्रीनपीस अधिकारी प्रिया को लंदन जाने से रोका

By Rajesh NiranjanEdited By:
Updated: Mon, 12 Jan 2015 07:20 AM (IST)

सरकार द्वारा एक बार फिर ग्रीनपीस के खिलाफ कठोर नीति अपनाने की घटना सामने आई है। रविवार तड़के दिल्ली हवाई अड्डे पर ग्रीनपीस इंडिया की वरिष्ठ अधिकारी प्रिया पिल्लई को आव्रजन अधिकारियों ने लंदन के लिए उड़ान भरने से रोक दिया। अधिकारियों ने बताया कि लुकआउट सर्कुलर जारी होने के

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नई दिल्ली। सरकार द्वारा एक बार फिर ग्रीनपीस के खिलाफ कठोर नीति अपनाने की घटना सामने आई है। रविवार तड़के दिल्ली हवाई अड्डे पर ग्रीनपीस इंडिया की वरिष्ठ अधिकारी प्रिया पिल्लई को आव्रजन अधिकारियों ने लंदन के लिए उड़ान भरने से रोक दिया। अधिकारियों ने बताया कि लुकआउट सर्कुलर जारी होने के कारण प्रिया को देश छोडऩे से रोका गया है। गत वर्ष सितंबर में ग्रीनपीस कार्यकर्ता तथा ब्रिटिश नागरिक बेन हरग्रीव्स को भारत में प्रवेश करने से रोका गया था। इंटेलिजेंस ब्यूरो ने पिछले साल जून में गृह मंत्रालय को भेजी गई अपनी रिपोर्ट में ग्रीनपीस द्वारा विदेशी चंदा लेकर देश के विकास में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया था।

ग्रीनपीस इंडिया ने कहा कि प्रिया 14 जनवरी को लंदन में ब्रिटिश सांसदों के समक्ष भारतीय आदिवासियों के अधिकारों के उल्लंघन का मामला उठाने वाली थीं। दरअसल, मध्य प्रदेश के महान में लंदन की एक कंपनी के नेतृत्व में कोयला खदान परियोजना प्रस्तावित है। इससे जंगल और उस पर निर्भर समुदाय की आजीविका खतरे में है। संस्था ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी को रोकने का मामला बताया। उसने दावा किया कि प्रिया के पास लंदन जाने का वैध व्यापार वीजा था। ग्रीनपीस इंडिया की ओर से जारी बयान में पिल्लई ने कहा, 'मैं हैरान और दुखी हूं कि एक बार फिर सरकार ने देश में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए लडऩे वाले लोगों के दमन का प्रयास किया है। मेरे साथ एक अपराधी की तरह व्यवहार किया गया।' हवाई अड्डा अधिकारियों ने पिल्लई को बताया कि उनके खिलाफ भारत से बाहर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यद्यपि प्रिया के खिलाफ कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ है। यही नहीं, आव्रजन अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट पर 'ऑफलोड' की मुहर लगा दी है।

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