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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी को क्लीनचिट के खिलाफ याचिका पर विचार से इन्कार

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Updated: Fri, 11 Apr 2014 03:00 PM (IST)

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका पर विचार करने से इन्कार कर दिया, जिसमें भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका पर विचार करने से इन्कार कर दिया, जिसमें भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को गुजरात दंगों में एसआइटी द्वारा क्लीनचिट दिए जाने पर सवाल उठाया गया था। मोदी के खिलाफ यह याचिका वकील फातिमा ए. ने दाखिल की थी।

शुक्रवार को मामले पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने गुजरात दंगों में एसआइटी द्वारा मोदी को क्लीनचिट दिए जाने पर सवाल उठाते हुए नई एसआइटी गठित करने की मांग की। वकील का कहना था कि नई एसआइटी में एक सदस्य अल्पसंख्यक वर्ग का भी होना चाहिए। न्यायमूर्ति एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने नई एसआइटी गठित करने की मांग ठुकराते हुए कहा कि अब फिर से एसआइटी गठित करना ठीक नहीं होगा। पीठ का नकारात्मक रुख देखते हुए वकील ने याचिका वापस ले ली।

मालूम हो कि वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों के मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआइटी) कर रही है। एसआइटी ने दंगो के मामले में मोदी को क्लीनचिट दे दी थी।

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