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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हेडली का कबूलनामा, मुंबई से पहले निशाने पर थे दिल्ली और बेंगलुरु

By Lalit RaiEdited By:
Updated: Tue, 09 Feb 2016 12:07 PM (IST)

आतंकी डेविड हेडली की गवाही से ये साफ हो रहा है कि आतंकियों के मंसूबे कितने खतरनाक थे। उसने बताया कि मुंबई हमलों से पहले राजधानी दिल्ली और बेंगलुुरु को दहलाने की योजना थी।

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मुंबई। आतंकी डेविड हेडली की गवाही से ये साफ हो रहा है कि आतंकियों के मंसूबे कितने खतरनाक थे। उसने बताया कि मुंबई हमलों से पहले राजधानी दिल्ली और बेंगलुुरु को दहलाने की योजना थी। लेकिन बाद में कई दौर की बैठकों के बाद इस योजना को खारिज कर दिया गया और मुंबई को निशाना बनाने की साजिश रची जाने लगी।

हेडली ने ये भी बताया कि पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ और लश्कर के बीच हमलों को कामयाब बनाने के लिए लगातार बैठकें होती थीं। आइएसआएइ के अधिकारी हमलों की कामयाबी के लिए लश्कर के लड़ाकों गुरिल्ला किस्म की लड़ाई के लिए टिप्स भी दिए थे।

कर्नल रैंक के अधिकारी से हुई मीटिंग

कोर्ट में हेडली ने कहा कि मेजर अली से वह पहली बार 2006 में मिला. मेजर इकबाल ने उसे बताया था कि भारत में किस तरह अपने पैर जमाने हैं. मेजर इकबाल के साथ मीटिंग के दौरान वहां कर्नल रैंक का एक अधिकारी भी मौजूद था. मेजर इकबाल ने उसकी लश्कर कैंप में हुई ट्रेनिंग, पासपोर्ट और वीजा की भी जानकारी ली थी.

सेना से रिटायर होने के बाद आतंकी बना पाशा
हेडली ने बताया कि साल 2003 में वह लाहौर में अब्दुल रहमान पाशा नाम के शख्स से मिला था। उसने कोर्ट में पाशा की तस्वीर भी पहचानी। पाशा पाकिस्तानी सेना के 6 बलोच रेजिमेंट से रिटायर्ड अधिकारी है. सेना से रिटायर होने के बाद पाशा ने अलकायदा के लिए काम करना शुरू कर दिया।