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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

समारोह में नहीं जाना चाहते थे हेमंत

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Updated: Fri, 22 Aug 2014 08:20 AM (IST)

रांची [जागरण ब्यूरो]। ्रप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में विरोधी दलों के मुख्यमंत्री की हूटिंग से निराश झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन गुरुवार को ...और पढ़ें

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रांची [जागरण ब्यूरो]। ्रप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में विरोधी दलों के मुख्यमंत्री की हूटिंग से निराश झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन गुरुवार को उनके कार्यक्रम में नहीं जाना चाहते थे। झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रवक्ता विनोद पांडेय ने कहा कि कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हेमंत सोरेन के साथ मंच साझा करने से मना किया है। ऐसे में हेमंत भी ऐसा कर सकते हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री की हूटिंग के बाद वे प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में नहीं जाना चाहते थे। बावजूद इसके उन्होंने लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन किया और प्रधानमंत्री की अगवानी करने के साथ मंच साझा किया।

झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने गलत आचरण कर मुख्यमंत्री का अपमान किया है। जनता इसका बदला चुनाव में लेगी। झारखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत ने कहा कि भाजपाइयों के इस कृत्य की जितनी निंदा की जाए, कम है। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री संप्रग कार्यकाल में शुरू किए कार्यो का श्रेय लेने में लगे हैं। इससे पहले अपने भाषण में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्र द्वारा दी गई सहायता ऊंट के मुंह में जीरा है। हम प्रदेश की विकास दर बढ़ाने के लिए कुत्तों की तरह हांफ रहे हैं। उन्होंने अपनी तुलना मोदी से करते हुए कहा कि आपकी तरह हम भी गरीबी में पले-बढ़े हैं। आप चाय बेचकर यहां तक पहुंचे हैं तो मेरी मां ने दूसरों के घरों में जूठे बर्तन मांजकर हमें यहां तक पहुंचाया है। हालांकि गौर करने वाली बात ये है कि 10 अगस्त 1975 को पैदा होने हेमंत के पिता व पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने 1977 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसे वे हार गए थे।

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