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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अगस्ता सौदे में घिरे त्यागी का वायुसेना प्रमुख ने किया बचाव

By Gunateet OjhaEdited By:
Updated: Wed, 28 Dec 2016 10:26 PM (IST)

राहा ने यह भी कहा कि त्यागी वायुसेना परिवार का हिस्सा हैं और जब तक उन पर दोष साबित नहीं होता तब तक हम उनके साथ खड़े हैं।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल अरूप राहा ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकाप्टर सौदे में रिश्र्वत के आरोपों में गिरफ्तार पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी का खुलकर बचाव किया है। उन्होंने कहा कि इस सौदे को अकेले त्यागी ने अंजाम नहीं दिया बल्कि तत्कालीन पीएमओ से लेकर एसपीजी तक शामिल था।

इसीलिए आरोपों के साबित होने तक किसी को दोषी ठहराना ठीक नहीं। राहा ने यह भी कहा कि त्यागी वायुसेना परिवार का हिस्सा हैं और जब तक उन पर दोष साबित नहीं होता तब तक हम उनके साथ खड़े हैं।

वायुसेना प्रमुख के पद से 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे एयर मार्शल अरूप राहा ने नव नियुक्त वायुसेना अध्यक्ष एयर मार्शल बीएस धनोवा की मौजूदगी में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सवालों के जवाब में यह बात कही। राहा के रिटायर होने के बाद एयर मार्शल धनोवा वायुसेना प्रमुख के तौर पर कमान संभालेंगे। राहा ने वायुसेना प्रमुख के तौर पर अपने आखिरीप्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसपी त्यागी पर अगस्ता सौदे में रिश्वत के लगे आरोपों पर कहा कि यह चीजें समय-समय पर आते रहती है। जैसे बोफोर्स मसला जिसमें दशकों तक चली जांच के बावजूद कुछ सिद्ध नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि रक्षा सौदे में कई एजेंसियां शामिल होती हैं तो फिर केवल सैन्य बलों को दोषी ठहराना ठीक नहीं।

राहा ने कहा कि त्यागी की गिरफ्तारी का असर होगा और हम चाहते हैं कि कानून का पालन हो। लेकिन जब तक आरोप साबित नहीं हो जाता हमें उन्हें उनके अधिकार देने चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व वायुसेना प्रमुख हमारे लिए परिवार के हिस्से की तरह हैं और हम उनके साथ खड़े हैं। हालांकि राहा ने साफ किया कि यदि त्यागी पर वीवीआईपी हेलीकाप्टर सौदे में आरोप साबित होता है तो फिर उनसे कोई सहानुभूति नहीं होगी।

तीनों सेनाओं के मौजूदा प्रमुखों में सबसे वरिष्ठ एयर मार्शल राहा ने नए सेनाध्यक्ष की नियुक्ति में वरिष्ठता की अनदेखी के सवाल पर कहा कि जब एक बार जनरल बीपी रावत को सेना प्रमुख नियुक्त कर दिया गया है तो हमें उनके हाथ मजबूत करने चाहिए। उन्होंने कहा कि सैन्य प्रमुखों की नियुक्ति में मेरिट और वरिष्ठता दोनों के अपने गुण-दोष हैं। इसलिए इसमें न पड़ते हुए हमें नए सेना प्रमुख जनरल रावत को समर्थन देना चाहिए।