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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जजों की नियुक्ति में सरकार की ओर से नहीं होती है देरी- सदानंद गौड़ा

By Ravindra Pratap SingEdited By:
Updated: Mon, 02 May 2016 08:31 PM (IST)

कानून मंत्री सदानंद गौड़ा ने बताया कि जजों की नियुक्ति का मामला पूरी तरह से न्यायपालिका के हाथों में है। सरकार इसमें कोई प्रक्रियागत विलंब नहीं करती है।

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कोच्चि, प्रेट्र। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस ठाकुर द्वारा जजों की संख्या बढ़ाने की भावुक अपील के बाद कानून मंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा है कि जजों की नियुक्ति में सरकार देरी नहीं करती है। सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए गौड़ा ने कहा कि जजों की नियुक्ति का मामला पूरी तरह से न्यायपालिका के हाथों में है। सरकार की ओर से इसमें कोई प्रक्रियागत विलंब नहीं होता है।

उन्होंने कहा कि इस समय जजों की नियुक्ति कोलेजियम के जरिये होती है। कोलेजियम सुप्रीम कोर्ट के पास अपनी सिफारिश भेजता है। बाद में सुप्रीम कोर्ट इसे आगे की कार्रवाई के लिए विधि और न्याय मंत्रालय के पास भेज देता है।

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उल्लेखनीय है कि कुछ ही दिन पहले सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों में जजों की संख्या बढ़ाने की अपील करते समय जस्टिस ठाकुर बहुत भावुक हो गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उन्होंने जजों की संख्या 21 हजार से बढ़ाकर 40 हजार करने में सरकार की उदासीनता को बड़ी बाधा बताया था।

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इसको लेकर सवाल पूछे जाने पर कानून मंत्री ने कहा कि जजों नियुक्ति संबंधी फाइलों को मैं अपने कार्यालय में 15 दिन से ज्यादा नहीं रोकता हूं। गौड़ा ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को लेकर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। लेकिन केंद्र सरकार ने जजों की नियुक्ति संबंधी एक भी फाइल अपने पास नहीं रोकी है। हम न्यायपालिका का पूरा ध्यान रखते हैं।