यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पाकिस्तान के एतराज के बावजूद अफगानिस्तान को सैन्य साजो समान देगा भारत
अफगानिस्तान के राजदूत ने नई दिल्ली में बताया कि भारत काबुल को और सैन्य मदद करेगा।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अफगानिस्तान के साथ भारत के सामरिक रिश्तों का विरोध करते रहे पाकिस्तान को अब इसमें भी नाकामी मिलनी तय है। अफगानिस्तान से दोस्ती निभाने के लिए पूरी ताकत के साथ खड़े होने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आश्र्वासन के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि भारत जल्द ही काबुल को कुछ अहम सैन्य साजो समान मुहैया कराएगा। पाकिस्तान के एतराज की परवाह किए बिना भारत अफगानिस्तान को सामरिक सहायता देगा।
रणनीतिक सूत्रों का कहना है कि काबुल को तालिबान और अलकायदा सरीखे आतंकी संगठनों से अब भी बरकरार गंभीर चुनौती के मद्देनजर अमेरिका भी अफगानिस्तान में भारत की अधिक सामरिक भूमिका के पक्ष में है। भारत की अफगानिस्तान में भूमिका की अमेरिका की हिमायत भी पाकिस्तान को कबूल नहीं रही है। मगर पाक की इस पर आपत्तियों को अमेरिका ने भी नजरअंदाज कर दिया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमवार को अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी से भारत के अफगानिस्तान की शांति और तरक्की के लिए पूरी ताकत से खड़े होने के आश्र्वासन के बाद यह तय माना जा रहा कि काबुल को जल्द ही कुछ जरूरी सामरिक साजो समान मुहैया कराया जाएगा। अफगानिस्तान के सतोर महल के उद्घाटन मौके पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रुबरू हुए मोदी ने गनी को यह आश्र्वासन दिया था।
बताया जा रहा है कि अफगान सेना के प्रमुख इस माह के अंत में भारत दौरे पर आने वाले हैं। उनके इस दौरे में काबुल को सैन्य साजो समान मुहैया कराने का अहम फैसला हो सकता है। भारत में अफगानिस्तान के राजदूत साइदा मोहम्मद अब्दाली ने भी विदेशी मीडिया को दिए एक बयान में कहा है कि तालिबान और इस्लामिक इस्टेट के खतरों को देखते हुए उनके देश को हथियारों की सख्त दरकार है। इस लिहाज से उन्हें भारत से काफी उम्मीदे हैं।
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गौरतलब है कि अफगानिस्तान भारत से पिछले काफी अर्से से उत्कृष्ट सैन्य उपकरण मांगता रहा है। कूटनीति और सामरिक दोनों लिहाज से अफगानिस्तान में शांति और स्थायित्व भारत के हित में है।

