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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बदला चीन का रूख, भारत के साथ कई क्षेत्रों में सहयोग के लिए मिलाया हाथ

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Updated: Fri, 14 Oct 2016 09:43 AM (IST)

भारत और चीन ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से ऊर्जा खरीदने, हाई स्पीड रेलवे के निर्माण और तटीय विनिर्माण क्षेत्रों के विकास में सहयोग करने पर सहमति जताई है।

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नई दिल्ली, पीटीआई। भारत और चीन ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से ऊर्जा खरीदने, हाई स्पीड रेलवे के निर्माण और तटीय विनिर्माण क्षेत्रों के विकास में सहयोग करने पर सहमति जताई है। दुनिया की इन दो सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं ने अपनी वृद्धि को शक्ति देने के लिए यह फैसला किया है।

दोनों देशों के बीच आर्थिक संवाद में साझे लाभ वाली वृद्धि के लिए अनेक पहलों पर सहमति जताई गई। एक तरफ तो चीन भारत के साथ इस तरह सहयोग बढ़ा रहा है और दूसरी तरफ पूर्व में वह भारत के लिए मुश्किलें पैदा करता रहा है।

बता दें कि इस बार भारत को एनएसजी में शामिल करने का सबसे बड़ा विरोधी चीन ही था और वह अपने मनसूबों में कामयाब भी हुआ।

यह बैठक सात अक्तूबर को हुई थी, जिसका ब्योरा अब जारी किया गया है। बैठक में भारतीय पक्ष की अगुवाई नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने की, जबकि चीन की ओर से राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग के चेयरमैन शू शेयशी ने अपने दल का नेतृत्व किया।

जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों ने ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उचित नीतिगत कदमों व प्रयासों के लिए संयुक्त रणनीति पर जोर दिया।' इसके साथ ही दोनों पक्षों ने अगले एक साल में बुनियादी ढांचे, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में परियोजनाओं को प्रोत्साहित करते हुए तटीय विमिर्नाण क्षेत्रों के विकास पर निकट सहयोग की नई थीम अपनाने पर सहमति जताई।

जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों में दिल्ली-नागपुर हाई स्पीड रेल परियोजना के व्यावहार्यता अध्ययन तथा तथा दिल्ली -चेन्नई हाई स्पीड रेलवे के निर्माण के काम को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। चाइना साउथवेस्ट जियाओतोंग यूनिवर्सिटी तथा रेलवे मंत्रालय का प्रशिक्षण विभाग हाई स्पीड रेलवे के खेत्र में आठ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित करेगा।

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को लेकर दोनों देशों ने भारत में सोलर सेल मॉड्यूल विनिर्माण को बल देने पर सहमति जताई है।

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