Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अमेरिकी राजदूत की अरुणाचल यात्रा पर चीनी आपत्ति को भारत ने नकारा

    By Rajesh KumarEdited By:
    Updated: Mon, 24 Oct 2016 07:54 PM (IST)

    विकास स्वरूप ने कहा, 'अमेरिकी राजदूत ने अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की। यह राज्य देश का अभिन्न अंग है और इसके लिए वह अधिकृत थे। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    नई दिल्ली, प्रेट्र : अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा की हालिया अरुणाचल प्रदेश यात्रा पर चीन के एतराज को भारत ने नकार दिया है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि इस राज्य की उनकी यात्रा में कुछ भी असामान्य नहीं था, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, 'अमेरिकी राजदूत ने अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की। यह राज्य देश का अभिन्न अंग है और इसके लिए वह अधिकृत थे।' दरअसल, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू के आमंत्रण पर अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा ने 22 अक्टूबर को तवांग की यात्रा की थी। इस यात्रा पर चीन ने एतराज जताया है।

    पढ़ें- चीन की अमेरिका को धमकी, भारत के साथ सीमा विवाद में दखल बर्दाश्त नहीं

    चीन का कहना है कि किसी भी तरह के अमेरिकी दखल से चीन-भारत सीमा विवाद और जटिल व मुश्किल हो जाएगा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कैंग ने कहा कि अमेरिकी राजदूत ने 'विवादित क्षेत्र' की यात्रा की है। चीन इस यात्रा का विरोध करता है। अमेरिका को भारत-चीन सीमा विवाद में दखलंदाजी से दूर रहना चाहिए। बता दें कि अरुणाचल प्रदेश को चीन तिब्बत का दक्षिणी भाग मानता है। जबकि, 1962 युद्ध में चीन के कब्जाए गए अक्साई चिन क्षेत्र को भारत विवादित मानता है।

    पढ़ें- पहली बार सीमा की 15 चौकियां महिलाओं के हवाले

    खबरें और भी