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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूएन में भारत ने कहा- अातंकवाद पाकिस्तान की सरकारी नीति

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Thu, 14 Jul 2016 03:49 PM (IST)

मानव अधिकारों पर एक बहस के दौरान पाकिस्तान के राजदूत मलीहा लोधी के टिप्पणी का भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने दृढ़ता से जवाब दिया।

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नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने बुधवार को 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा में मानव अधिकारों पर एक बहस के दौरान पाकिस्तान के राजदूत मलीहा लोधी के कश्मीर और बुरहान वानी के एनकाउंटर की गई टिप्पणी का दृढ़ता से जवाब दिया। अाइए जानते हैं संयुक्त राष्ट्र में अकबरुद्दीन ने क्या कहा।
1. पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो दूसरों के मामले में ज्यादा हस्तक्षेप करता है।
2. पाकिस्तान दूसरों को गुमराह कर खुद अातंकवाद को एक स्टेट पॉलिसी के रुप में उपयोग करता है।
3. पाकिस्तान अपने छद्म प्रयास के तहत मानवाधिकारों के समर्थन की बात करते है।
4. पाकिस्तान उन देशों में शामिल है जिसका ट्रैक रिकॉर्ड संयुक्त राष्ट्र महासभा के मानवाधिकार परिषद की सदस्यता हासिल करने के लिए विफल है।

5. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि एस अकबरुद्दीन ने थीमैटिक डिबेट के दौरान कहा कि अफसोसजनक है कि हमने संयुक्त राष्ट्र के इस मंच का दुरुपयोग होते देखा।
6. भारत एक विविध बहुलवादी और सहिष्णु समाज के रूप में, कानून, लोकतंत्र और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
7. भारत सभी के लिए मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
8. कश्मीर में अातंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद कम से कम 30 लोग मारे गए हैं और 250 से अधिक लोग प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष में घायल हुए हैं।

9.पाकिस्तान दूसरे देश के इलाकों को अपने में शामिल करना चाहता है और आतंकवाद का इस्तेमाल सरकारी नीति की तरह करता है।

10. पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो आतंकवादयों की प्रशंसा करता है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों को पनाह देता है।

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