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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NSG पर बदला लेने के मूड में भारत नहीं, चीन का MTCR में नहीं करेगा विरोध

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Sat, 02 Jul 2016 12:07 PM (IST)

भारत ने यह साफ कर दिया है कि चीन ने भले ही एनएसजी में प्रवेश पर भारत को रोका हो लेकिन वह एमटीसीआर में चीन को लेकर ऐसा नहीं करेगा।

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नई दिल्ली, प्रेट्र। परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में सदस्यता को लेकर भारत की दावेदारी का इतना कड़ा चीन की तरफ से विरोध किए जाने के बावजूद नई दिल्ली उससे किसी तरह का बदला लेने की फिराक में नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने शुक्रवार को यह साफ कर दिया कि मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रैशीम का सदस्य बने भारत चीन के साथ वैसा सलूक नहीं करेगा जैसा उसने एनएसजी के मुद्दे पर भारत के साथ किया है।

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हालांकि, एनएसजी पर विकास स्वरूप ने चीन का 'संदर्भ' देते हुए कहा कि सिर्फ एक देश ने भारत का विरोध किया जबकि बाकी देश केवल 'प्रक्रियागत' मुद्दा उठा रहे थे।


उन्होंने कहा कि भारत लगातार चीन को यह बात बताता रहेगा कि एक दूसरे की हितों, चिंताओं और प्राथमिकता के बारे में परस्पर सहमति के आधार पर ही रिश्ते आगे बढ़ते हैं।

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स्वरूप ने ये उम्मीद जाहिर की कि भारत एमटीसीआर का सदस्य बनने के बाद अब उच्च प्रौद्योगिकी वाले समझौते आसानी से हो पाएंगे और रक्षा कार्यक्रमों के लिए उच्च प्रौद्योगिकी के सामानों तक आसानी से पहुंच हो पाएगी।