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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वैदिक-सईद मुलाकात की भारतीय उच्चायोग को नहीं थी जानकारी

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Updated: Thu, 17 Jul 2014 10:24 PM (IST)

लगातार चौथे दिन कांग्रेस ने पत्रकार वेद प्रताप वैदिक और जमात-उद-दावा के सरगना व लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद की मुलाकात को लेकर संसद में हंगामा ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। लगातार चौथे दिन कांग्रेस ने पत्रकार वेद प्रताप वैदिक और जमात-उद-दावा के सरगना व लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद की मुलाकात को लेकर संसद में हंगामा किया और सरकार के बयान की मांग की। विपक्षी दलों के हंगामे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लोकसभा को बताया कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग को इस मुलाकात की कोई जानकारी नहीं थी। ऐसे में पत्रकार और आतंकी की मुलाकात की व्यवस्था कराने का सवाल ही पैदा नहीं होता। पाकिस्तान ने भी इस मुलाकत से पल्ला झाड़ लिया है।

सुषमा ने सदन को बताया कि सरकार को भारतीय उच्चायोग से इस मसले पर रिपोर्ट मिल चुकी है। उच्चायोग ने स्पष्ट कर दिया है कि उसे इस मुलाकात की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होनें कहा, 'मैंने सुना था कि वैदिक ने किसी न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में भारतीय उच्चायोग को इस मुलाकात की जानकारी होने की बात कही थी, जिसके बाद सरकार ने उच्चायोग से रिपोर्ट तलब की थी।' स्वराज ने कहा कि वह इस मामले में सरकार की स्थिति पहले भी स्पष्ट कर चुकी हैं और फिर बता रही हैं कि सरकार का इस मुलाकात से कोई लेना-देना नहीं है। पाकिस्तान ने भी इस मुलाकात से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि इस निजी मुलाकात में उसकी सरकार की कोई भूमिका नहीं रही है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने बताया कि उनकी सरकार सिर्फ अधिकारिक मुलाकातों के आग्रह पर विचार करती है, न कि निजी बैठकों पर। दरअसल, भारत में विपक्षी दलों का आरोप था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ की हरी झंडी के बिना यह मुलाकात हो ही नहीं सकती थी।

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