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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दस महीने बाद समुद्र से निकाली गई सिंधुरक्षक

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Updated: Sat, 07 Jun 2014 06:53 AM (IST)

आइएनएस सिंधुरक्षक को समुद्र में डूबने के तकरीबन दस माह बाद बाहर निकाल लिया गया है। पनडुब्बी में 14 अगस्त, 2013 को हुए धमाके में 18 नौसैनिकों की मौत हो ...और पढ़ें

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मुंबई। आइएनएस सिंधुरक्षक को समुद्र में डूबने के तकरीबन दस माह बाद बाहर निकाल लिया गया है। पनडुब्बी में 14 अगस्त, 2013 को हुए धमाके में 18 नौसैनिकों की मौत हो गई थी। एक नौसेना अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी कंपनी रिसॉल्व मरीन की भारतीय इकाई के बचाव दल ने नियुक्ति के पांच के भीतर अपना काम खत्म कर दिया।

नौसेना अधिकारी ने बताया कि जल्द ही पनडुब्बी को नौसेना डॉकयार्ड की सूखी गोदी में पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने आशंका जताई कि पनडुब्बी पूरी तरह दुरुस्त किए जाने के बाद भी समुद्र में उतारे जाने लायक नहीं बन पाएगी। दरअसल, पनडुब्बी में मिसाइलों और तारपीडो में हुए विस्फोटों के कारण आग लगी थी, जिससे उसे काफी क्षति हुई। लिहाजा, अनुमान है कि जल्द ही इसके परिचालन को बंद करने का फैसला भी लिया जा सकता है। कंपनी ने जनवरी, 2014 में पनडुब्बी निकालने का ठेका लिया था और काम पूरा करने के लिए 160 दिन का लक्ष्य रखा था।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पनडुब्बी नौसेना को सौंपे जाने के बाद दो परीक्षण किए जाएंगे। पहले परीक्षण में दुर्घटना के कारण सुनिश्चित किए जाएंगे। दूसरे में इसे समुद्र में उतारे जाने लायक बनाने के लिए जरूरी काम तय किए जाएंगे। नौसेना डॉकयार्ड जांच के बाद तय करेगा कि इसे समुद्र में उतारा जा सकता है या इसका परिचालन बंद करना है। मरम्मत में आने वाली लागत का आकलन भी किया जाएगा।

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